बाबू श्यामलाल यादव ने बनारस को एक विशिष्ट पहचान दिलाई: प्रो. राममोहन पाठक

वाराणसी। स्व. बाबू श्याम लालजी यादव ने अपने केन्द्रीय मंत्री व राज्यसभा के उपसभापति कालमें बनारस को सांस्कृतिक व सामाजिक रूप से उल्लेखनीय पहचान दिलाई। पराड़कर भवन में गुरुवार को आयोजित 92 वीं जयंती समारोह में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा चेन्नई के कुलपति प्रो. राममोहन पाठक ने संस्मरण सुनाते हुए कहा कि मूर्धन्य पत्रकार स्व.पराड़कर जी के स्मृति में डाक टिकट जारी किये जाने का कार्यहो, स्वतंत्रता सेनानी शिवप्रसाद गुप्त की मूर्ति का अनावरण हो याकाशी अग्रवाल समाज का ऐतिहासिक कार्यक्रम हो, श्यामलाल जी ने इन सबको सम्पन्न करने का कार्य किया। वह सदैव बनारस के प्रत्येक कार्य के लिये उपलब्ध रहते थे। गंगा प्राधिकरण के निर्माण में इनकी अहम् भूमिका थी।

जनता से किये वादों को लेकर रहते संवेदनशील

प्रो. पाठक ने वर्तमान पीढ़ी को श्यामलाल जी के दिखाए रास्ते पर चलने का आग्रह किया, जिससे श्रेष्ठ समाज का निर्माण हो सके। अतिथियों का स्वागत करते हुए श्रीमती शालिनी यादव जी ने कहा कि स्व0 बाबूजी समय व जनता सेकिये गये वादों के प्रति बहुत ही सचेष्ट रहते थे। इन्हीं गुणोंसे वो आज भी जनता के दिलों में जगह बनाये हुये हैं। जयन्ती समारोह में काशी पत्रकार संघ के पूर्व अध्यक्ष के डीएन राय ने श्यामलाल जी को एक सहनशील राजनेता बताया। बैनर तक रहे किरणमय नंदाजयन्ती समारोह में राज्यसभासदस्य और सपा नेता किरणमय नंदा के आने की घोषणा ही नहीं बल्कि बैनर तक लगा था लेकिन वह नहीं आये। अलबत्ता आनन्दप्रकाश तिवारी, डा. उमाकान्त सिंह, संजय यादव उर्फ राधा कृष्ण,डा. इम्तयाजुद्दीन अंसारी, बृजकिशोर यादव, दीपचन्द्र गुप्ता, चन्द्रभानु प्रधान, मदन यादव, जयप्रकाश यादव, उमेश प्रधान, भीष्म नरायण यादव इत्यादि ने बाबूजी को याद किया। अतिथियों का स्वागत अरूण यादव, अध्यक्षता डा. अत्रि भारद्वाज व संचालन खुशबुद्दीन एडवोकेट नेकिया।

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