लखनऊ। अधिवक्ता उमेश राय की छोटी पुत्री संस्कति राय (17) की क्रूरतापूर्वक हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर बसपा के युवा नेता अतुल राय भी मैदान में उतर आये हैं। अतुल राय ने परिजनों से मुलाकात कर घटना के बाबत जानकारी ली। शुक्रवार को वह एसएसपी दीपक कुमार से मिलेंगे और हमलावरों की अविलंब गिरफ्तारी की मांग करेंगे। अतुल राय का कहना है कि मासूम के साथ ऐसी दरिंदगी करने वालों को फांसी से कम की सजा होनी ही नहीं चाहिये। संस्कृति का न सिर्फ सिर कूंचा गया था बल्कि उसे घसीटा भी गया था। वारदात को एक सप्ताह होने को है लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली है। न्याय के लिए सड़को पर उतरना हो तब भी वह पीछे नहीं हटेंगे।

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कुछ यू रहा है पूरा घटनाक्रम

पालिटेक्टिक कालेज में द्वितीय वर्ष की छात्रा संस्कृति मूल रूप से फेफना (बलिया) की रहने वाली थी। फर्स्ट ईयर में वो हॉस्टल में रही थी, लेकिन सेकेंड ईयर में उसे हॉस्टल नहीं मिला। इंदिरानगर में किराए पर कमरा रहने लगी। परीक्षाएं खत्म होने के बाद संस्कृति 21 जून रात अपने घर आने वाली थी। रात के लगभग नौ बजे उसने अपनी मां नीलम को फोन करके कहा था कि वो घर आ रही है। उसे बादशाहनगर से ट्रेन पकड़नी थी। साथ में चंदौली निवासिनी मित्र पुष्पांजलि को भी जाना था। संस्कृति कमरे से निकली लेकिन स्टेशन नहीं पहुंची। परेशान पिता ने लखनऊ में रहने वाले एक रिश्तेदार को फोन किया और पूरी बात बताई। इसके बाद रात में ही वो रिश्तेदार गाजीपुर इंस्पेक्टर के पास पहुंचा। गाजीपुर इंस्पेक्टर ने संस्कृति के पिता उमेश से बात की और अनहोनी की आशंका जताई। अगले दिन 22 जून की दोपहर करीब 12 बजे घैला गांव की रहने वाली एक महिला प्रेमा ने झाड़ियों में एक लड़की को गंभीर हालत में देखा। उसने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर गई। ट्रॉमा सेंटर में पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

चल रही सोशल मीडिया पर मुहिम

हत्यारों ने कुछ ऐसा नहीं छोड़ा था जिससे संस्कृति की शिनाख्त हो सके। पुलिस ने फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की तो पहचान हो सकी। संस्कृति को न्याय दिलाने के लिए सोशल मीडिया पर जोरदार मुहिम चल रही है लेकिन पुलिस अब तक एक भी सुराग नहीं ढूंढ सकी है। अलबत्ता एसएसपी दीपक कुमार के मुताबिक पुलिस को संस्कृति राय आईआईएम रोड पर मिली थी जबकि उसे बादशाह नगर रेलवे स्टेशन जाना था। संस्कृति जहां की रहने वाली है वहां के विधायक उपेन्द्र तिवारी सूबे की सरकार में मंत्री है। आरोप है कि उनकी तरफ से कार्रवाई की मांग तो दूर परिवार को सात्वना तक नहीं दी गयी है।

पहले भी मुहिम चला चुके हैं अतुल राय

गौरतलब है कि इससे पहले मूल रूप से गाजीपुर के (बेटाबर) गांव निवासिनी एम्स की गोल्ड मैडलिस्ट डाक्टर ममता राय की कोच्चि (केरल) में संदिग्ध हालात में मौत को लेकर भी अतुल राय ने मुहिम चलाते हुए इंडिया गेट से कैंडिल मार्च निकाला था। केरल पुलिस ने इसे खुदकुशी करार दिया था जबकि घरवालों ने साथी डा. संजय राय पर आरोप लगाये थे।

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