मीरजापुर। आईपीएस होने के पहले आईआईटी खड्गपुर से बीटेक की डिग्री हासिल करने के बाद विदेशों में मोटा पैकेज मिला था। लंदन और टोकियो में कुछ दिनों तक काम भी किया लेकिन कुछ अलग करने का जुनून वापस खींच लाया। जिले नहीं बल्कि प्रदेश में बेहतरीन कार्यप्रणाली व पुलिसिंग में नयी तकनीकों का सकारात्मक समावेशन के चर्चे पहले से थे लेकिन फिक्की तक इसकी गूंज पहुंच गयी। एसपी आशीष तिवारी इस अवार्ड के लिए नामित होने वाले प्रदेश के इकलौते आईपीएस थे जिसमें स्पेशल ज्यूरी अवार्ड कैटेगरी में स्मार्ट पुलिस आफिसर अवार्ड के लिए चयनित किया गया। सूबे के वित्त मंत्री के संग जिले के प्रभारी मन्त्री राजेश अग्रवाल ने सोमवार को सभी विभागों के अधिकारीगणों की मीटिंग कर प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं व कानून-व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ ही एसपी को फिक्की द्वारा दिये गये अवार्ड को भी प्रदान करते हुये जिला पुलिस का उत्साहवर्धन किया।

क्राइम कंट्रोल के साथ आमजन को राहत

एसपी ने अपराध नियन्त्रण के साथ ही कानून-व्यवस्था सुधारने व आम लोगों की कठिनाईयों को दूर करने की खातिर कई बेहतरीन कार्य जैसे बेहतरीन अपराध अन्वेषण व अभियोजन, सकारात्मक अभिसूचना संकलन, महिला सम्मान एवं सुरक्षा व पुलिस के साथ ही एन्टी रोमियो, लीव मैनेजमेन्ट, इलेक्शन मैनेजमेन्ट, ड्यूटी मैनेजमेन्ट का आनलाईन प्रयोग, कम्प्यूटराईज्ड विवेचना मानिटरिंग सिस्टम, कम्प्यूटराईज्ड सर्विलान्स मानिटरिंग सिस्टम जैसे इनोवेशन व नक्सल क्षेत्र की महिलाओं को शिक्षा, सम्मान व सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाये जाने के उद्देश्य से ग्रीन ग्रुप के गठन जैसे कार्यों में सराहनीय प्रदर्शन करने के उपलक्ष्य में प्रदान किया गया है। एसपी का कहना था कि पीएम द्वारा पुलिसिंग में तकनीकी के प्रयोग पर जोर दिया गया है जिसे व्यवहारिक रूप में उतारने का प्रयास किया गया है।

दूसरो की तुलना में बेहतर माना गया प्रदर्शन

अपनी कैटेगरी में एसपी मीरजापुर इकलौते कप्तान हैं जिनको यह अवार्ड प्रदान किया गया है। इस कैटेगरी में उनके अतिरिक्त डीआईजी बीएसएफ अमित लोढ़ा, थाना प्रभारी कीर्ति नगर नई दिल्ली अशोक कुमार शर्मा, आरपीएफ की एसआई श्रीमती रेखा मिश्रा और पश्चिम बंगाल पुलिस के कांस्टेबिल सन्दीप पाल को यह अवार्ड दिया गया है। एसपी ने इस अवार्ड को अधीनस्थों को समर्पित किया है।

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