सुजीत सिंह ‘प्रिंस’

गाजीपुर। निकाय चुनाव को लेकर हर पल समीकरण बदल रहे हैं। दल बदल के साथ जोड़तोड़ की सियासत जारी है। खासतौर से सदर नगर पालिका सीट को लेकर सभी पार्टियों ने ऐड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। जिले की राजनीति के लिहाज से ये सीट जीतनी महत्वपूर्ण है, उतना ही एक शख्स भी। ये शख्स कोई और नहीं बल्कि कद्दावर नेता अरुण सिंह हैं। हत्या के आरोप नैनी जेल में बंद अरुण सिंह अचानक किंग मेकर की भूमिका में आ गए हैं

किसका साथ देंगे अरुण सिंह ?

सियासी गलियारे में इस बात की चर्चा हो रही है कि निकाय चुनाव में अरुण सिंह का परिवार किसका साथ देगा। जितनी मुंह, उतनी बातें हो रही हैं। हालांकि अरुण सिंह और उनके करीबी अभी तक अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं। इस बीच अरुण सिंह का आशीर्वाद लेने के लिए दिग्गजों में होड़ मच गई है। सपा, बीजेपी और बीएसपी तीनों ही पार्टियों के रणनीतिकार अरुण सिंह को अपने पक्ष में लाने में जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ रणनीतिकारों ने नैनी जेल में बंद अरुण सिंह से मुलाकात भी।

क्यों किंगमेकर की भूमिका में आ गए अरुण सिंह ?

दरअसल शहर के अंदर अरुण सिंह की अच्छी पकड़ है। उनकी पहचान एक बड़े राजपूत नेता के तौर पर होती है। ऐसे में हर पार्टी जानती है कि अरुण सिंह जिस प्रत्याशी का समर्थन करेंगे, शहर का एक बड़ा वोटबैंक उसके साथ हो जाएगा। हालांकि अरुण सिंह की पत्नी शीला सिंह ने भी चेयरमैन पद के लिए नामांकन किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया। बीजेपी जहां अपने किले को बरकरार रखना चाहती है तो वहीं बीएसपी का अंसारी परिवार जीत के साथ शहर में फिर से अपना रुतबा पाना चाहता है। इन सबके बीच प्रेमा सिंह के जरिए सपा ने भी इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है।

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