एक वायरल वीडियो से पहुंचे ‘अर्श’ पर तो दूसरे से देखेंगे ‘फर्श’! तेज बहादुर ने कोर्ट में अर्जी देकर लगायी यह गुहार

वाराणसी। दो साल पहले बीएसएफ के जवान तेज बहादुर यादव ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया था जिसके बाद खलबली मच गयी थी। सेना के जवानों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठने पर रक्षा मंत्रालय से लेकर दूसरे महकमे बचाव की मुद्रा में आ गये थे। पिछले दिनों तेज बहादुर एक बार फिर उस समय चर्चा में आ गये जब उन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया। पहले तो पर्चा निर्दल प्रत्याशी के रूप में दाखिल किया लेकिन सपा के सुप्रीमो अखिलेश ने अंतिम समय पार्टी प्रत्याशी घोषित कर दिया। बाद में तेल बहादुर का पर्चा खारिज हो गया जिसके लिए सपा सीधे मोदी को जिम्मेदार मानती है। वीडियो से पूरे देश में चर्चा में आने वाले तेज बहादुर का एक दूसरा वीडियो वायरल हुअ है जिसके बाद वह सफाई की मुद्रा में हैं।

बता रहे है भाजपा की साजिश

वायरल वीडियो की ‘अमृत प्रभात डाट कॉम’ पुष्टि नहीं करता लेकिन इसमें दिखने वाला शख्स हू ब हू तेज बहादुर जैसा दिखता है। शराब और सिगरेट के सेवन के दौरान उनका परिचय भी बीएसएफ से बर्खास्त तेज बहादुर फौजी के रूप में कराया जाता है। इसके संग चल रहे दूसरे वीडियो में तो आतंकियों के संग बैठ कर घूंट लगाने से लेकर पीएम की सुपारी तक के दावे किये गये हैं। इस बाबत सम्पर्क किये जाने पर तेज बहादुर ने वीडियो में खुद को मानने के संग कहाा है कि दिल्ली पुलिस के एक सिपाही ने इसे बनाया जो एवज में 50 लाख की मांग कर रहा था। समूचे मामले को उनकी तरफ से भाजपा की साजिश करार देते हुए आशंका जतायी कि कुछ और भी ऐसे वीडियो बदनाम करने के लिए आ सकते हैं।

कोर्ट में दी समर्पण की अर्जी

वीडियो वायरल होने के बाद चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में बीएसएफ के बर्खास्त जवान तेज बहादुर यादव ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में आत्मसमर्पण के लिए अर्जी दी है। तेज बहादुर ने सीजेएम कोर्ट मे अर्जी देकर कहा कि जानकारी मिली है कि चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में उसके विरुद्ध कैंट थाने में मुकदमा हुआ है। यदि उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज है तो कैंट थाना से आख्या तलब किया जाना आवश्यक है ताकि वह कोर्ट में आत्मसमर्पण कर सके। कोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए 9 मई को कैंट थाने से आख्या तलब की है।

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