वाराणसी। सपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव पर धमकाने का आरोप लगाने के बाद चर्चा में आये आइजी (सिविल डिफेंस) अमिताभ ठाकुर ने तीन साल पुराने प्रकरण को एक बार फिर से हवा दी है। सर्किट हाइस में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान आईजी का दावा था कि उन्हें धमकाने के प्रकरण में मुलायम सिंह यादव तो स्वीकार ही कर चुके हैं कि 10 जुलाई 2015 को फोन उन्होंने ही किया था। अलबत्ता यह कह कर दूसरा रूप देने की कोशिश भी कि, मंशा धमकी की नहीं बल्कि समझाने की थी। यही कारण था कि मामले के विवेचक बाजारखाला चौकी प्रभारी अनिल कुमार को उन्होंने अपना वॉयस सैम्पल तक देने से मना कर दिया था।

एनडीआरएफ से मिलेगा सिविल डिफेंस को प्रशिक्षण

विभागीय कार्यो की चर्चा करते हुए आइजी सिविल डिफेंस का कहना था कि आगले साल जनवरी से इलाहाबाद में हो रहे महाकुम्भ के दौरान सिविल डिफेंस को भी तैनात किया जा रहा है। उन्हें किसी आपदा की दशा में राहत व बचाव कार्य का प्रशिक्षण वाराणसी में एनडीआरफ की टीम देगी। इसके तहत चौकाघाट स्थित एनडीआरफ के कैम्प में वाराणसी, इलाहाबाद, चंदौली के 150 सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की ट्रेनिंग शुक्रवार से आरम्भ हो गयी है। यही नहीं चंदौली में सिविल डिफेंस का ट्रेनिंग सेंटर बन रहा है। नागपुर की तर्ज पर फ्रदेश का यह पहला ट्रेनिंग सेंटर होगा। यहां पर भी एनडीआरफ की मदद से सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जायेगा।

पुलिस में बढ़ता जा रहा तनाव

प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पुलिस कर्मियों द्वार खुदकुशी की बढ़ती घटनाओं के बाबत आईजी ने स्वीकार किया कि पुलिस महकमें में भी तनाव बहुत अधिक हो गया है। परिवार को समय दे नहीं पाते और काम के बोझ के संग जवाबदेही रहती है। इस पर नियंत्रण पाने की खातिर पुलिसकर्मी की डयूटी का समय निर्धारित करने के साथ ही वीकली आॅफ सिस्टम लागू करना बहुत जरूरी हो गया है।

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