वाराणसी। भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव के लिए सियासी बिसात बिछाने में जुट गई है। इसी को अंजाम देने के लिए पार्टी के सबसे बड़े रणनीतिकार और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इन दिनों यूपी के दौरे पर हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के पहले दिन अमित शाह सबसे पहले मिर्जापुर पहुंचें। यहां पर उन्होंने संगठन की नब्ज टोटली और पदाधिकारियों के पेंच कसे। हालांकि शाम होते-होते वे एक मेंटर की भूमिका में नजर आए। काशी में अमित शाह ने पार्टी की आईटी आर्मी में जान फूंकने की कोशिश की। उन्होंने सोशल मीडिया से जुड़े वॉलिटियर्स से संवाद किया और टिप्स दिए।

सोशल मीडिया पर पिछड़ने से परेशान हैं अमित शाह

दरअसल यूपी में हुए उपचुनावों में मिली हार के बाद बीजेपी बैकफुट पर है। चार सालों के बाद ऐसा पहला मौका आया है जब पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है। अखिलेश और मायावती का गठबंधन बीजेपी पर भारी पड़ता प्रतीत हो रहा है। हैरानी इस बात की है कि सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म पर भी बीजेपी रक्षात्मक दिख रही है। ऐसी स्थिति में अमित शाह ने कार्यकर्ताओं के अंदर जोश भरने का काम किया है। शाम तकरीबन साढ़े बजे अमित शाह बड़ा लालपुर स्थित ट्रेड फैसलिटी सेंटर पहुंचें। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री अमित शाह और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय भी मौजूद थे। अमित शाह ने पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों से आए हुए सोशल मीडिया से जुड़े हजारों कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।

सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की अपील

अमित शाह ने डिजिटल क्रांति के बूते पूरे देश में एक बार फिर से कमल खिलाने की बात कही। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि सोशल मीडिया के सहारे वे सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएं। अच्छे रिसर्च और प्रमाणिक तथ्यों को लोगों के सामने पेश करें। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की योजनाएं भाजपा के मिशन 2019 के लिए संजीवनी का काम करेगी। दरअसल बीजेपी की कोशिश है कि शहर से लेकर गांव तक सोशल मीडिया के जरिए सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया जाए। यही कारण है कि बीजेपी ने अभी से अपनी आईटी आर्मी को तैयार रहने का निर्देश दे दिया है।

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