कथित ‘हलफनामे’ की निकल गयी ‘हवा’, एसपी सिटी का दावा पूर्व सांसद धनंजय के खिलाफ हैं सबूत ‘पुख्ता’

जौनपुर। बाहुबली कहे जाने वाले पूर्व सांसद धनंजय के समर्थक पिठछले दो दिनों से एक ‘हलफनामे’ का वास्ता देते हुए अपने नेता को जल्द जेल की सलाखों से बाहर होने का दावा कर रहे थे। उनका दावा था कि केस दर्ज कराने वाले प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल ने अपना बयान बदलते हुए कोर्ट में कहा है मानसिक तनाव के कारण केस दर्ज कराया था। हल्ला रविवार को शुरू हुआ था जिस दिन कोर्ट बंद रहती है। वैसे भी इन दिनों रिमांड मजिस्ट्रेट बैठ रहे हैं जिनकी अदालत में पेश होने का सवाल नहीं उठता। बहरहाल जमानत याचिका पर 20 मई को सुनवाई होती जहां पर कथित ‘हलफनामा’ पेश हो सकता था लेकिन इससे पहले ही एसपी सिटी ने इसकी ‘हवा’ निकाल दी।

अफवाहों के बदले हकीकत पर दिया जोर

एसपी सिटी ने स्पष्ट शब्दों में दावा किया कि पूर्व सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाले अभिनव सिंघल ने किसी तरह का कोई हलफनामा मुकदमे के विवेचक को नहीं दिया हैं। यही नहीं केस की विवेचना के दौरान दर्ज कराये कराये गये बयानों में अपने आरोपों की पुष्टि की है। बयानों में साफ उल्लेख हा कि विक्रम सिंह काली गाड़ी से वहां आये थे। इसकी पुष्टि सीसी फुटेज से बी होती है जो वादी ने ही उपलब्ध कराये हैं। इसके अलावा जाते समय अपने साथी हरेन्द्र पाल को मैसेज भी किया था कि कुछ लोग जबरन गाड़ी में उठा कर ले जा रहे है जिसकी सूचना तत्काल बास को कर दी जाये। पुलिस के पास पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं और जो बाद मीड़िया के माध्यम से प्रचारित की जा रही है वैसा कुछ नहीं है।

दो दिनों से प्रचारित हो रहा था हलफनामा

गौरतलब है कि पचहटिया में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बना रही कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर अभिनव सिंघल की तहरीर पर लाइन बाजार थाने में 10 मई की देर रात पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके सहयोगी विक्रम सिंह पर अपहरण, धमकी देने का केस दर्ज कराया था। कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने शहर स्थित आवास से पूर्व सांसद समेत दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पूर्व सांसद के समर्थक दो दिनों से प्रचारित कर रहे था कि केस दर्ज कराने वाले प्रोजेक्ट मैनेजर कोर्ट में शपथ पत्र देकर आरोप से मुकर गए। उसका कहना है कि केस दर्ज कराते समय वह तनाव में था। उसने मुकदमा आगे न चलाने की भी अपील की है।

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