दावे तमाम लेकिन वास्तव में यह हैं ‘इंतजाम’, कोरोना ‘संक्रमित’ सुनते ही पुलिस-टोल प्लाजाकर्मी के संग मेडिकल टीम नदारद

वाराणसी। पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी को लॉकडाउन कर दिया गया है। पिछले कई दिनों से यहां समूचे विश्व में महामारी के पर्याय बने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए तमाम ‘इंतजाम’ किये जा रहे हैं। यह एक संदिग्ध के कोरोना संक्रमित होने की बात आयी तो पुलिस और टोल प्लाजाकर्मियों से लेकर मेकिल टीम तक नदारद हो गयी। नतीजा, घंटो तक संदिग्ध ट्रक में पड़ा रहा और उसका हाल लेना तो दूर आसपास फटकने की हिम्मत किसी में नहीं थी। खास यह कि घटनाक्रम से कुछ पहले यहां से कुछ दूरी पर डीएम-एसएसपी की टीम पहुंची थी।

सूचना मिलने के होश फाख्ता

दरअसल डाफी टोलप्लाजा (लंका) पर सोमवार की शाम कोरोना के संदिग्ध मरीज के भागने की सूचना पर एक ट्रक को रोका गया था। टोलप्लाजा कर्मी की सूचना पर पहुंचीं लंका पुलिस ने ट्रक को किनारे लगाकर मेडिकल टीम को सूचना देने के साथ ही ट्रक की रखवाली करने को कहा और चलते बने। आरम्भिक जांच में पता चला कि कानपुर का रहनेवाला ट्रक चालक रामनगर इंडस्ट्रियल एरिया में सामान लेकर आया था। ट्रक चालक को खांसी और गले मे दर्द के साथ ही बुखार से पीड़ित देखकर किसी ने सूचना दिया कि ट्रक संख्या (जीजे 16 एयू 9031) से कोरोना का संदिग्ध मरीज ट्रक लेकर भाग रहा है। इससे पहले चंदौली में भी ट्रक रोकने पर भी नही रुका था। इस सूचना के आधार पर ट्रक को रोककर डाफी टोलप्लाजा के पास किनारे लगाया गया। सूचना के बाद पहुंची लंका पुलिस मेडिकल टीम को फोन करने के बाद चली गई। फिलहाल चार घंटे से अधिक समय तक पुलिस और टोलप्लाजा के बीच फंसा ट्रक ड्राइवर अंदर बैठा रहा।

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