बलिया। मुख्यमंत्री रहते हुए सरकार के खजाने के करोड़ों रुपये खर्च कर आलीशान बने बंगले को खंडहर में तब्दील करने के आरोपों को लेकर सपा-भाजपा में जुबानी जंग छिड़ चुकी है। बलिया में आये योगी सरकार में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव के सरकारी बंगले के मामले में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव के सरकारी बंगले मामले में जांच करायी जायेगी। अखिलेश के सरकारी बंगले से कीमती उपकरण और टाइल्स निकाले गये हैं जिसका ब्योरा तैयार हो रहा है। वैसे भी समान को क्षति पहुंचायी गयी है तो यह अखिलेश यादव के चरित्र के अनुरूप है। बावजूद इस कृत्य से राज्य संम्पत्ति को नुकसान पहुंचा होगा तो इसकी जांच कर सख्त कार्यवाई होगी। मामले को लेकर सपा के आरोपों पर उनका कहना था कि उल्टा चोर कोतवाल को डांटे या चोरी और सीनाजोरी का यह नमूना प्रदेश की जनता देख रही है।

विकास के मुद्दे पर लड़ा गया था चुनाव

स्वामी प्रसाद मौर्य ने मीडिया से बातचीत के दौरान कैैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के बयान पर कहा कि 2017 विधानसभा का चुनाव किसी जाति या धर्म को लेकर नहीं लड़ा गया था बल्कि यह चुनाव विकाश के मुद्दे पर लड़ा गया था। विकास के एजेंडे पर आगामी लोकसभा चुनाव में भी उतरेंगे और भारी जीत हासिल करेंगे। विधायक सुरेंद्र सिंह द्वारा तहसील कर्मियों को वेश्या से बदतर कहने के मामले में कहा कि मैं विधायक जी से बात कर ही जबाब जबाब दूंगा। प्रकरण की जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने ऐसा कहा है तो यह गलत है।

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