वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र का सियासी पारा चढ़ने लगा है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के बाद अब समाजवादी पार्टी रैली के जरिये अपने जनाधार को बढ़ाने की कोशिश करने जा रही है। 11 महीने के बाद सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव काशी की धरती से एक बार फिर नरेंद्र मोदी को ललकारेंगे।
दलितों पर डोरे डालने की कोशिश

मिशन 2019 के लिए अखिलेश यादव ने खास तैयारी की है। अखिलेश यादव की नजर पूर्वांचल की छोटी पार्टियों पर गढ़ी है। इसी के तहत सपा अब जनवादी सोशलिस्ट पार्टी के साथ समझौते के मूड में है। संभवतः रविवार को होने वाली रैली में इसका आगाज भी हो जायेगा। दरअसल अखिलेश वाराणसी और आस पास के जिलों में प्रभाव रखने वाले चौहान वोट बैंक को अपने कब्जे में लाना चाहते हैं।

रैली के लिए जोरदार तैयारी

दरसअल भाजपा की तर्ज पर अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी छोटे दलों के सहारे चुनावी नैया पार लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। वह चार फरवरी को नदेसर स्थित कटिंग मेमोरियल स्कूल के मैदान पर जनवादी सोशलिस्ट पार्टी की ओर से पृथ्वीराज चौहान की जयंती पर आयोजित स्वाभिमान रैली के जरिये पूर्वांचल में चुनावी बिगुल फूंकेंगे। इस कार्यक्रम में बनारस सहित आसपास के जिलों के चौहान समाज के लोगों की भारी संख्या में सहभागिता होने जा रही है।

admin

No Comments

Leave a Comment