अखिलेश ने खुद सभा रद करायी लेकिन ‘तोहमत’ जिला प्रशासन पर लगायी, डीएम ने दी कुछ इस तरह ‘सफाई’

आजमगढ़। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जातीय समीकरणों को अनुकूल देखते हुए यहां से चुनाव लड़ने का फैसला लिया था लेकिन भाजपा ने भोजपुरी सुपरस्टार निरहुआ को उतार कर मुकाबला दिलचस्प बना दिया। बदले समीकरणों के चलते सपा को पूरा जोर लगाना पड़ रहा है। वोटरों को धमकाने से लेकर मारने-पीटने तक के कई एफआईआर तक हो चुके हैं। चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले अखिलेश की यहां चार सभाएं रखी गयी थी जो अंतिम समय में रद्द कर दी गयी। इसके लिए सपा की तरफ से जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया लेकिन डीएम शिवाकान्त द्विवेदी ने पूरी पोल-पट्टी खोल कर रखी दी।

खुद ही किया था सभा रद्द करने का आवेदन

सोशल मीडिया पर सपा की तरफ से प्रचार किया जा रहा था कि जिला प्रशासन ने दो दिन पहले निर्वाचन खर्चे की दरों को संशेधित कर दिया जिसके चलते अखिलेश की सभाओं को रद्द करन पड़ा। सत्ता और जिला प्रशासन की मिलीभगत के चलते ऐसा होने की खबरे भी छपवायी गयी। इस पर डीएम ने बाकायदा विज्ञप्ति जारी कर वस्तुस्थिति स्पष्ट की। डीएम के मुताबिक न तो दरों मे कोई संशोधन हुआ न ही किसी एसडीएम से सभाओं को निरस्त करने का आदेश दिया। अलबत्ता अखिलेश यादव के मुख्य चुनाव अभिकर्ता राजबहादुर यादव एडवोकेट ने खुद अवगत कराया था कि चारों क्षेत्रों में सभाओं को निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद जनसभाओं की खातिर बनाये गये हेलीपैड और लैडिंग के लिए दी गयी अनुमति के संग सभाओं को निरस्त किया गया।

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