दो मासूमों को गंगा में फेंकने के बाद मां ने भी लगा दी छलांग, घंटो बाद भी नहीं मिली लाश

चंदौली। बलुुआ घाट पर बने पक्का पुल पर रविवार की दोपहर उस समय हडकंंप मच गयी जब अपने दो बच्चों को गंगा में फेंकने के बाद पूजा यादव (27) ने खुद भी छलांग लगा दी। घटना के समय पूजा अपने छोटे भाई धीरज (13) के साथ ससुराल से मायके लौट रही थी। बहन और भांजों को बचाने की खातिर धीरज भी कूदा लेकिन गंगा में तेज बहाब में बहने लगा। किसी तरह मल्लाहों ने धीरज को तो बचा लिया लेकिन पूजा के साथ उसके बच्चों का पता देर शाम तक नहीं चला। आरम्भिक जांच में पता चला कि प्रताड़ना से आजिज आकर पूजा ने यह कदम उठाया था। सीओ सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय गोताखोरों और मल्लाहों की मदद से तलाश शुरू कराने के साथ समीपवर्ती जनपदों को सूचना दी है।

छह साल पहले हुआ था विवाह

लूठा कलां गांव (चौबेपुर) निवासी पोल्हावन यादव की पुत्री पूजा का विवाह छह साल पहले लक्ष्मनगढ़ गांव (बलुआ) निवासी बहाल यादव के पुत्र दिनेश से हुआ था। दिनेश मुंबई में काम करता है। दो बच्चों आयुषी (4) और सत्यम 8 माह के साथ पूजा ससुराल में रहती थी। अये दिन दहेज प्रताड़ना से आजिज आकर रविवार को पूजा ने मायके वालों से शिकायत की थी। छोटे भाई धीरज को बहन को ससुराल से विदा कराने के लिए भेजा गया था। मायके वालों ने विवाहिता के जेठ-जेठानी, सास, देवर व ननद के खिलाफ दहेज प्रताड़ना को लेकर बलुआ थाने में तहरीर दी है।

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