जीत के बाद बांटने में मिठाई जान पर बन आयी, सहजानंद कालेज के अध्यक्ष और साथियों पर कातिलाना हमला

गाजीपुर। छात्रसंघ को राजनीति की नर्सरी कहा जाता है। जनप्रतिनिधि बनने के पहले अपने साथियों के हक-हकूक की बात उठाने वाले उनकी अगुवाई करते हैं। बावजूद इसके अब यह चुनाव भी शक्ति प्रदर्शन का पैमाना हो गये हैं। जीत न मिलने पर हारने वाले जान लेने पर उतारू हो रगे हैं। इसका नमूना सोमवार को स्वामी सहजानंद पीजी कालेज परिसर में देखने को मिला। यहां नवनिर्वाचित अध्यक्ष संदीप यादव समर्थकों के बीच मिष्ठान का वितरण कर रहे थे कि धारदार हथियारों से लैस मनबढों ने हमला कर दिया। इसमें छात्रसंघ अध्यक्ष और उनके दो समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए। इस दौरान कालेज कैम्पस में अफरा-तफरी मच गई। वारदात को अंजाम देकर हमलावर छात्र कालेज परिसर से फरार हो गये।

छात्रसंघ चुनाव की रंजिश वारदात का सबब

घायल छात्रसंघ अध्यक्ष पक्ष से मिली तहरीर के आधार पर पुलिस ने आठ छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल धनंजय मिश्रा ने स्वीकार किया कि छात्रसंघ चुनाव की रंजिश को यह वारदात हुई है। नामजद किये गये सभी आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार किया जायेगा। बताया जाता है कि छात्रसंघ चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रत्याशियों के बीच ठन गई थी। दावा किया जा रहा है कि चुनावी राजनीति से जुड़े दर्जनों छात्र संदीप को हराने में जुट गये थे, लेकिन उनकी एक न चली और अंत में संदीप यादव ने 24 अक्तूबर को वोटो की गिनती खत्म होने के बाद अध्यक्ष पद पर कब्जा जमा लिया था।

पहले से बनी थी हमले की योजना

संदीप के समर्थकों का कहना है कि हमलावरों को पता था कि सोमवार को संदीप यादव अपने साथियों संग कालेज में आयेंगे और मिष्ठान वितरण करेंगे। हमलावर मौके पर पहुंचे लेकिन संदीप यादव को आभास तक नहीं था कि वह उनके ऊपर हमला करने की नीयत से आये है। लेकिन जब उन्होंने नोकझोंक शुरू की तो उनकी आशंका यकीन में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शी छात्रों का दावा है कि हमलावर पहले से अपनी जेब में चाकू रखे हुए थे। कहासुनी करने के बाद उन्होंने संदीप और उसके दो साथियों पर हमला कर दिया। इस सम्बंध में कालेज प्रबंधतंत्र का कहना है कि इस प्रकार की वारदात शर्मनाक है। चुनाव में हार जीत लगी रहती है। इसलिए किसी का दूसरे से रंजिश साधना गलत है।

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