मीरजापुर। सामूहिक विवाह का कार्यक्रम भाजपा का था। खुद सीएम योगी इसमें शिरकत कर रहे थे। केन्द्रीय मंत्री और अपना दल की मुखिया अनुप्रिया पटेल से लेकर सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त और सूबे के कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या इसमें शामिल थे। बावजूद इसके चर्चा का विषय रहे निषाद पार्टी से चुने गये इकलौते विधायक बाहुबली विजय मिश्र। अपनी एमएलसी पत्नी रामलली के संग पहुंचे ज्ञानपुर के विधायक विजय मिश्र ने मंच पर सीएम को बुके देकर स्वागत करने के संग पैर छूकर आर्शीवाद ही नहीं लिया बल्कि क्षेत्र के विकास कार्यों के बारे में चर्चा भी की। माना जा रहा है कि अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में ब्राह्मण वोट बैंक को सहेजने के लिए भाजपा को विजय मिश्र की दरकार है।

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सदन से सड़क तक सपा को हैं ललकारते

विजय मिश्र पिछले विधानसभा चुनाव से पहले तीन बार सपा के टिकट पर ज्ञानपुर से विधायक निर्वाचित हो चुके हैं। सपा के शासनकाल में उनकी पत्नी रामलली मीरजापुर-सोनभद्र से एमएलसी चुनी गयी थी। मुलायम सिंह के बाद पार्टी की कमान अखिलेश के हाथ में आयी तो विजय मिश्र को हाशिये पर धकेलने का प्रयास हुआ। सपा से टिकट कटने के बाद निषाध पार्टी जैसे दल के टिकट पर उन्होंने तमाम राष्ट्रीय पार्टियों को धूल चटाने के साथ जीत हासिल की। सदन से सड़क तक सपा को खुल कर ललकारने वाले विजय मिश्र ने राज्यसभा चुनाव में खुल कर भाजपा को वोट दिया जिसके बाद निषाद पार्टी से रिश्ते खत्म हो गये।

ब्राह्मण सम्मेलनों में ले रहे हैं हिस्सा

पिछले कुछ समय से विजय मिश्र पूर्वांचल के ब्राह्मण नेता के रूप में पहचान बनाते जा रहे हैं। बहुबली से जनबली की छवि बनाने के क्रम में ही पिछले दिनों परशुराम जयंती पर समीपवर्ती जनपदों के कार्यक्रमों में बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया था। माना जा रहा है कि भाजपा उन्हें इसी के चलते वरीयता दे रही है। कभी बाहुबलियों के नाम पर बिदकने वाली पार्टी की नजर बड़े वोट बैंक पर है।

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