परिणाम घोषित होने के बाद पराजित बसपा प्रत्याशी ने हाइकोर्ट में गुहार लगायी, गणना किये गये मतों को लेकर यह दी ‘दुहाई’

प्रयागराज। मछलीशहर (जौनपुर) सीट से गठबंधन के बसपा प्रत्याशी टी राम बीएचयू आईआईटी से एम टेक करने के साथ लंबे समय तक पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम की चीफ इंजीनियर रह चुके हैं। विभाग में उनके ‘करकुुलेशन’ की अब तक मिसाल दी जा रही है। राजनेता के रूप में भी उन्होंने सात साल पहले अपनी पाली शुरू की दी। बावजूद इसके उनका दावा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान ‘मतगणना’ में गड़बड़ी की गयी। इसका अंदाजा भी उन्हें फौरन नहीं लगा बल्कि डेढ़ माह बाद आभास हो सका। बहरहाल इस सीट से निर्वाचित भाजपा सांसद वीपी सिंह सरोज के निर्वाचन को हाइकोर्ट में उनकी तरफ से चुनौती दी गई है। दाखिल चुनाव याचिका में उन्होंने वीपी सरोज का निर्वाचन रद करने की मांग की है।

दाखिल याचिका में लगाये है यह आरोप

त्रिभुवन राम की तरफ से दाखिल याचिका में आरोप लगाया है कि लोकसभा चुनाव के छठें चरण में उनके क्षेत्र मछलीशहर में 12 मई 2019 को हुए मतदान में कुल जितने वोट पड़े थे उससे 4128 से अधिक वोटों की गिनती अधिकारियों ने मतगणना के दौरान कराई है। मतगणना में इस तरह हेराफेरी कर उन्हें पराजित किया गया है। यही नहीं चुनाव याचिका में उन्होंने ईवीएम के वोटों की गिनती में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। चुनाव याचिका में दावा है कि शाम पांच बजे तक उन्हें भारी मतों से जीतता हुआ बताया जा रहा था लेकिन रात नौ बजे उन्हें 181 वोटों के अंतर से पराजित घोषित कर दिया गया।

जल्द हो सकती है हाईकोर्ट में सुनवाई

मछलीशहर का परिणाम घोषित होने के बाद टी राम चुपचाप समर्थकों के साथ चले गये थे। इसमें भाजपा प्रत्याशी को 4 लाख 88 हजार 397 मत मिले थे, जबकि बसपा प्रत्याशी को 4 लाख 88 हजार 216 वोट मिले। बताया जा रहा है कि टी राम की चुनावी याचिका पर हाइकोर्ट मे में 6 या 7 जुलाई को सुनवाई हो सकती है। चुनावी सदमे में उबरने के बाद इन दिनों गठबंधन प्रत्याशी चुनावी याचिका दायर करने में जुटे हैं।

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