विचाराधीन बंदी की जिला जेल में मौत का बाद हडकंप, मजिस्ट्रेटी जांच के दिये गये आदेश

जौनपुर। चोरी सरीखे मामूली अपराध में पिछले पांच सालों से जिला कारागार में निरुद्ध जीतू उर्फ नंदलाल मुसहर की सोमवार की देर रात मौत के बाद खलबली मच गयी है। जीतू को पहला नहीं है बल्कि पिछले पांच महीने के दौरान उसके अलावा जिला कारागार में निरुद्ध तीन अन्य विचाराधीन बंदियों की ‘बीमारी’ से मौत हो चुकी है। हिरासत में मौत होने के चलते डीएम की तरफ से मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिये गये हैं। इसके अलावा वीडियोग्राफी के साथ डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जायेगा।

खत्म हो गये थे दो मामले, नकबजनी थी बाकी

मूल रूप मलियान परियत गांव (बरसठी) निवासी जीतू उर्फ नंदलाल मुसहर प्राणपुर (रामपुर) में 24 अगस्त 2014 को हुई चोरी का मामले में जिला कारागार में निरुद्ध था। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक उस पर तीन मुकदमे थे जिनमें से दो का निस्तारण हो गया था। तीसरे नकबजनी के मामले में अभी विचाराधीन था। दूसरी तरफ जेल प्रशासन का कहना है कि सोमवार को तबीयत काफी खराब हो जाने पर उसे बंदी रक्षक की कस्टडी में जिला कारागार में भर्ती कराया गया था। जेल प्रशासन ने थाना पुलिस के माध्यम से भर्ती कराने के बाद उसके स्वजनों को सूचना भेज दी थी। इलाज के दौरान रात करीब साढ़े दस बजे उसने दम तोड़ दिया।

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