बलिया। जिला जेल में निरुद्ध रामू चौहान की शनिवार की शाम इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय में मौत की जानकारी मिलने पर घरवालों के साथ ग्रामीणों ने रविवार को जमकर बवाल काटा। जिला कारागार के सामने जमकर नारेबाजी करते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंची पुलिस और नगर मजिस्ट्रेट ने समझा-बुझाकर परिजनों को शांत किया और सरकार से उचित मुआवजे का आश्वासन दिया। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के संग मुआवजे के लिए संस्तुति की जायेगी।

कई सालों से था जेल में

हनुमानगंज (सुखपुरा) निवासी रामू चौहान एक मामले में कुछ वर्षों से जिला जेल में सजा काट रहा था। शनिवार की शाम इलाज के दौरान उसकी मृत्यु होने की जानकारी रविवार को परिजनों को मिली तो रविवार की दोपहर जिला जेल पहुंच कर बवाल करने लगे। उनका आरोप था कोई ऐसी बीमारी के बारे में नहीं बताया गया है और ना ही मौत की बात बताई गई। परिजनों की माने तो कैदी की मौत जिला कारागार में हुई है वही प्रशासन का दावा था कि मौत लंबी बीमारी के कारण इलाज के दौरान जिला चिकित्सालय में हुई। रामू की पत्नी कांति देवी का कहना है, मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं और मैं बहुत ही गरीब परिवार से हूं। इस का भरण-पोषण और मेरे परिजनों का किस प्रकार होगा। कांति ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की। मौके पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट ने उनके प्रार्थना पत्र को लिया और आश्वासन दिया कि जो भी सरकारी सुविधाएं होंगी परिजनों को दी जाएगी।

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