वाराणसी। डीरेकाकर्मी टीके मुकेश की हत्या मामले में गिरफ्तारी के बाद भी मुख्य आरोपित पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय को राहत नहीं मिलने वाली बल्कि सांसत बढ़ सकती है। एसएसपी आरके भारद्वाज का कहना है कि 25 हजारा इनामी डब्लू ने कुछ सालों के भीतर अवैध रूप से करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है। गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के संग एक्ट की धाराओं के तहत उसकी संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई होगी। यही नहीं फर्जी दस्तावेज के आधार पर रांची (झारखंड) से जारी पासपोर्ट को भी रद्द कराया जाएगा। डीरेका में करोड़ों की वसूली के प्रमाणों के आधार पर एसएसपी ने मामले की सीबीआई जांच के लिए भी शासन को लिखा है।

धौंस देने के लिए थे कई जेबी संगठन

मूल रूप से लक्खीसराय (बिहार) निवासी डब्लू के पिता चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में डीरेका में आये और कुछ सालों में दबंगई के चलते हावी होने लगे। पिता से विरासत में मिले गुणों से पुत्र अछूते नहीं रहे। वैष्णो नगर कालोनी (मंडुवाडीह) स्थित आलीशान कोठी और लक्जरी कारों का काफिला परिवार के जीवन शैली दर्शाता है। डब्लू पहेल अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार बचाओ समिति नाम से फर्जी संगठन बनाकर लोगों पर धौंस जमाता था। बाद में एक लोकल चैनल खोल कर सीधे पुलिस-प्रशासन पर दबाव बना लिया था। इसी का नतीजा रहा कि वह गिरफ्तारी से पहले इसकी अफवाह फैलाने में सफल रहा।

खुलासे में इनकी रही भूमिका

सनसनीखेज मामले के खुलासे में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह व एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र,, सीओ भेलूपुर अयोध्या प्रसाद कीा अहम भूमिका रही। इसके अलावा क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह, एसआई राकेश कुमार सिंह, संजय राय, कांस्टेबल सुमन सिंह, पूनम देव, सुरेंद्र मौर्या, राम भवन यादव, चंद्रसेन सिंह, कुलदीप सिंह, विवेक मणि त्रिपाठी, संतोष कुमार, संतोष कुमार यादव, सुनील कुमार राय, मंडुआडीह थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, कांस्टेबल मोहन कुमार अशोक कुमार, नारायण शर्मा आदि रहे।

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