चंंदौली। पूर्व घोषित कार्यक्रम छोटे लोहिया के नाम से विख्यात स्व. जनेश्वर मिश्र की जयंंती मनाने के नाम पर रविवार को जुटे सपाइयों के मंसूबे कुछ और थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का आगमन मुगलसराय हो रहा था जिन्हें इलाहाबाद में पाकिस्तान जिन्दाबाद का नारा लगाते हुए काला झंडा दिखाने वालों की प्रशंसा खुद अखिलेश तक करने में जुटे थे। प्रदेश नेतृत्व तक विरोध की आवाज पहुंचे इस खातिर सपाइयों ने जमकर बवाल काटा। अचानक हुए घटनाक्रम से पुलिस सकते में गयी क्योंकि पहले बताया गया था कि प्रतीकात्मक रूप से विरोध होगा। पैंतरा बदल कर हंगामा करते हुए सपाइ कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़े तो पुलिस ने रोकने की कोशिश की। नोंकझोक तक तो मामला सामान्य था लेकिन हाथापाई करते हुए सपाइयों ने जमा लगाने की कोशिश की जिस पर पुलिस ने लाठी पटक कर खदेड़ दिया। विरोध में पत्थर चलाये गये तो पुलिस ने आंसूगैस का इस्तेमाल किया। बहरहाल पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की तैयारी है।

जक्शन का नाम बदलने का विरोध

दरअसल मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय किए जाने का विरोध कांग्रेस, सपा के अलावा कई दूसरे संगठन काफी दिनों से कर रहे थे। औपचारिक रूप से इसके आयोजन पर सपा ने सड़क पर उतर कर भाजपा के रंग में भंग डालने की कोशिश की। कुछ स्थानों पर तो भाइपाइयों और सपाइयों के आमने-सामने टकराव की नौबत तक आ गयी थी लेकिन वरिष्ठों के अलावा पुलिस ने दखल देकर स्थिति को काबू में किया था। बावजूद इसके सपाई अपने असली रंग में आने लगे तो पुलिस ने उन्ही के अंदाज में जबावी कार्रवाई करते हुए नियंत्रित कर लिया।

उत्पीड़न का लगाया आरोप

घटनाक्रम के चलते कई सपाइयों को चोटें आयी और बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में भी लिया गया। बताया जाता है कि विरोध की आशंका को ध्यान में रखते हुए कुछ लोगों को पहले ही रोक लिया गया था। बहरहाल सपाइयों ने इसे उत्पीड़न की कार्रवाई बताते हुए व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि एसपी ने खुद गालियां दी और अधीनस्थों से पिटाई भी करायी।

admin

No Comments

Leave a Comment