भांप कर कप्तान के तेवर लौटा दी ‘घूस’ की रकम, बावजूद इसके नहीं टला निलंबन और कार्रवाई संभव

चंदौली। चुनावी सरगर्मी खत्म होने के साथ आचार संहिता हट चुकी है। बावजूद इसके पुलिसकर्मी ‘हाथ’ मारने से पीछे नहीं हट रहे हैं। कुछ ऐसा ही शनिवार रात को कंदवा थाना क्षेत्र में हुआ। यहां पर बालू लदा ट्रक पकड़ने के बाद उसको छोड़ने के लिए बाकायदा रसीद देकर घूसखोरी की गयी। यह बात दीगर थी कि रसीद भले एक हजार की दी गयी लेकिन वसूले गये थे पूरे 20 हजार। रविवार की सुबह घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने लगा। एसपी संतोष सिंह को इसकी भनक लगी तो उन्होंने इस बाबत रिपोर्ट मांगी। कप्तान के तेवर भांपकर पुलिसकर्मियों ने घूस की रकम वापस कर मामले को रफा-दफा करने का प्रयास किया लेकिन सीओ की रिपोर्ट मिलने के बाद दरोगा और हेड को सस्पेंड कर दिया जबकि ड्राइवर होमगार्ड को आफिस अटैच कर दिया गया है।

कुछ यूं रहा था समूचा घटनाक्रम

एसपी चन्दौली को शिकायत मिली थी कि 25 मई की रात कंदवा थाने का मोबाइल दस्ते के कांस्टेबिल दुर्गेश प्रजापति और होमगार्ड उपेन्द्र नाथ राय द्वारा एक बालू लदी ट्रक को रोककर एक हजार रुपये अवैध धन की मांग की गयी। इसपर ट्रक ड्राइवर ने इतना पैसा न देने की बात कही तो इन पुलिसकर्मियों ने थाने पर नियुक्त एसआई हरेन्द्र यादव को बुला कर ट्रक को थाने पर ले जाया गया। यहां ट्रक ड्राइवर पर दबाव बनाकर 20 हजार लिए गये जबकि उसे एक हजार के सम्मन शुल्क की पर्ची दी गयी। मामला तूल पकड़ने पर वसूले गये 20 हजार रुपये में से 19 हजार ड्राइवर को वापस कर दिये गये थे।

जांच में सामने आया सच

इसकी शिकायत मिलने पर एसपी ने सीओ सकलडीहा प्रदीप सिंह चंदेल से प्राथमिक स्तर पर जांच करायी गयी तो आरोप सत्य पाया गया। एसपी ने तत्काल दरोगा व सिपाही को निलम्बित करते हुए होमगार्ड चालक को यूपी100 कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया। एसपी ने साफ शब्दों में समस्त पुलिस अधिकारी व कर्मचारीगण को हिदायत दी है किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार व कर्तव्य के प्रति लापरवाही सहित कोई भी ऐसा कार्य जिससे चन्दौली पुलिस सहित प्रदेश पुलिस की छवि धूमिल होती है बिल्कुल क्षम्य नहीं होगा तथा सम्बन्धित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी।

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