ज्योतिष के अनुसार क्या कहती है लोकसभा चुनाव मतगणना की तिथि, एग्जिट पोल से इतर भी हैं संकेत!

वाराणसी। लोकसभा चुनावों की खातिर सात चरणों में मतदान हो चुका है। एग्जिट पोल भी आ चुके हैं जिसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बावजूद इसके ज्योतिष के लिहाज से गुरुवार ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष संवत 2076, पंचमी तिथि तदनुसार 23 मई की सुबह की बयार बहुत बदली-बदली सी होगी। गुरु के घर मे केतु शनि की उपस्थिति जहां खण्डित जनादेश की ओर इशारा कर रही है, वहीं सूर्य, बुध की युति कई दलों को सत्ता की ओर पाला बदल कर सत्ता तक पहुंचने का भी संकेत दे रही है। इस कुंडली का सबसे मजेदार पक्ष है ‘शुक्र’। शुक्र स्त्री कारक ग्रह होते हुए मंगल के घर में बैठकर जहां कई अनुभवी धुरंधरों को पटखनी दे रहा है, वहीं महिला शक्ति के प्राकट्य की कथा भी कह रहा है। एक या एक से अधिक महिलाओं के उदय के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वहीं बुध की राशि मिथुन में मंगल और राहु का कुयोग तथा मकर राशि में चन्द्र की उपस्थिति किसी रसूखदार व्यक्ति (विशेष रूप से संभवत: महिला) के रसूख में प्रचंड कमी कर उन्हें पराभूत करने के भी स्पष्ट संकेत दे रही है।

पुरानी लोकसभा के काफी चेहरे नहीं दिखेंगे

बीएचयू ज्योतिष विभाग के शोधछात्र ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र के मुताबिक आगामी लोकसभा का रंग बदलता हुआ स्पष्ट नजर आ रहा है। पुरानी लोकसभा के अधिकतर चेहरे नई लोकसभा से नदारद होंगे। कई संभावित शासकों की पेशानी पर उलझन साफ दिखाई देगी। सिद्धांत,ईमान,सेवा सब सत्ता की कुर्सियों के पाये के नीचे दबे दिखाई देंगे। पंचमी तिथि में आने वाला यह परिणाम कुछ लोगों की हेकड़ी ढीली कर देंगे, कुछ चेहरों पर विनम्रता के मुखौटों के पीछे का दंभ जरा-जरा नजर आएगा। लोकतंत्र के इस त्योहार में किसी की दीवाली होगी तो कुछ लोगों का दीवाला निकल जाएगा। तभी तो 23 मई 2019 की तारीख कई नई चौंकाने वाली कहानी लिखने जा रही है। दरअसल 23 मई को पूरे दिन पंचमी तिथि है। यह पूर्णा संज्ञक तिथि है। पंचमी में आने वाले परिणाम में चर तथा स्थिर दोनों प्रकार के कार्य सिद्ध होते हैं। अर्थात कल-कारखाने, मशीनरी, कृषि आदि के लिए अच्छा रहेगा। गुरुवार के दिन पंचमी सिद्धिदा होकर विशेष शुभ फल देने वाली है। शुक्ल योग में परिणाम आने से सार्वजनिक हित के पवित्र उद्देश्य से कार्य होंगे। यदि सरकार अवैध या अनैतिक कार्य करेगा तो उसका भण्डाफोड़ होगा।

काशी के लिए विशेष उपयोगी होगी सरकार

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के स्वामी विश्वदेव हैं । यह ध्रुव-स्थिर-प्रकृति का उर्ध्वमुख नक्षत्र है। इस नक्षत्र में आने वाला परिणाम पुल-पुलिया का निर्माण, रेलवे लाइन बिछाना, हवाई अड्डा, रेलवे प्लेट फार्म तथा बस स्टैण्ड आदि के क्षेत्र में विकास होगा। पंचमी तिथि में आने वाला यह परिणाम काशी की भौतिक उन्नति का सशक्त साधन बनेगा। गुरुवार के दिन पंचमी विशिष्ट संयोग से काशी के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। यह संयोग काशी को विश्व पटल पर स्थापित करने वाला है। इसमें काशी का औद्योगिक उत्पाद बढ़ना शुरू होगा। आर्थिक जगत के कई क्षेत्र में विकास होगा। श्रमिक क्षेत्र में शान्ति बनेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। क्रयशक्ति बढ़ी होने से उपभोक्ता क्षेत्र की इकाइयों के शेयर में सुधार होगा। विदेशी व्यापार में पहले से अधिक विस्तार-विकास होगा। सरकार में नियम और परम्परा पालन करने पर जोर होगा। मुद्रा पहले की अपेक्षा मजबूत होगी। विश्व राजनीति में सहयोगी भावना पनपेगी।

Related posts