वाराणसी। पिछले एक महीने से कर्नाटक विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। वोट भले वहां पड़ रहे थे लेकिन दूसरे प्रदेशों के समीकरण इससे बन-बिगड़ रहे थे। बीएचयू ज्योतिष विभाग के शोध छात्र ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र के मुताबित मंगलवार शुद्ध ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्या, संवत 2075 तदनुसार 15 मई 2018 की सुबह की बयार बहुत बदली-बदली सी होगी। लोकतंत्र के इस त्योहार में किसी की दीवाली होगी तो, कुछ लोगों का दीवाला निकल जाएगा। ज्योतिष की गणना के मुतााबिक 15 मई 2018 की तारीख कई नई चौंकाने वाली कहानी लिखने जा रही है।

खंडित जनादेश, पाला बदल कर सत्ता तक पहुंचने के योग

शुक्र के घर में शत्रु गुरु की उपस्थिति जहां खण्डित जनादेश की ओर इशारा कर रही है, वहीं चन्द्र और बुध की युति कई दलों को सत्ता की ओर पाला बदल कर सत्ता तक पहुंचने का भी संकेत दे रही है। इस कुंडली का सबसे मजेदार पक्ष है ‘शुक्र’। शुक्र स्त्री कारक ग्रह होते हुए बुध के घर में बैठकर जहां कई अनुभवी धुरंधरों को पटखनी दे रहा है, वहीं महिला शक्ति के प्राकट्य की कथा भी कह रहा है। एक या एक से अधिक महिलाओं के उदय के स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं। वहीं शनि की राशि मकर में मंगल और केतु का कुयोग तथा शुक्र की दूसरी राशि वृषभ में तप्त ग्रह सूर्य की उपस्थिति किसी रसूखदार व्यक्ति (विशेष रूप से संभवत: महिला) के रसूख में प्रचंड कमी कर, उन्हें पराभूत करने के भी स्पष्ट संकेत दे रही है।

नदारत दिखेंगे पुराने चेहरे

आगामी विधानसभा का रंग बदलता हुआ स्पष्ट नजर आ रहा है। पुरानी विधानसभा के अधिकतर चेहरे नई विधानसभा से नदारद होंगे। कई संभावित शासकों की पेशानी पर उलझन साफ दिखाई देगी। सिद्धांत,ईमान,सेवा सब सत्ता की कुर्सियों के पाये के नीचे दबे दिखाई देंगे। कृत्तिका नक्षत्र में आने वाले यह परिणाम कुछ लोगों की हेकड़ी ढीली कर देंगे, कुछ चेहरों पर विनम्रता के मुखौटों के पीछे का दंभ जरा-जरा नजर आएगा।

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