बांदा। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो चुकी है। राजनैतिक दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। पुराने गड़े मुर्दे उखाड़े जा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस का एक ‘गुडवर्क’ कांग्रेस की खासी किरकिरी करा सकता है। वजह, बुंदेलखंड के प्रमुख उद्यमी के अपहरण में राजू विश्वकर्मा उर्फ राजू तिजोरीवाला उर्फ रज्जू महराज का नाम सामने आया है उसके चाचा कांग्रेस के बड़े नेता होने के संग पिछले डेढ़ दशक से तेंदूखेड़ा नगरपालिका के चेयरमैन हैं। गिरफ्तार बदमाशों ने कबूल किया कि आगामी चुनाव में उन्हें टिकट मिलने की पूरी संभावना है जिसके चलते रुपये की सख्त आवश्यकता है। चुनाव के फंड की खातिर रज्जू ने इन बदमाशों का सहयोग ही नहीं किया बल्कि अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सरकारी एक्सचेंज में उद्यमी को रखने का बंंदोबस्त किया।

पहले से थी अपहरण की जानकारी

बदमाशों ने अपहरण की योजना दो माह में तैयार की थी। वारदात की गंभीरता को देखते हुए यूपी के बदले एमपी में रखने का बंदोबस्त किया। जिस सरकारी एक्सचेंज में उद्यमी को रखा गया था उसकी देखरेख करने वाला कमलेश पाल तो बदमाशों को जानता तक नहीं था। उसे रज्जू ने ऐसा करने को कहा था। वहां दो दिन रखने के बाद उद्यमी के संग बदमाशों को रज्जू ने अपने घर में पनाह दी थी। इसके बाद जबलपुर स्थित अपने प्रापर्टी डीलिंग के आफिल में सभी को रखा था। रज्जू का प्लान था कि फिरौती दो किश्त में वसूली जाये। पहली तो बदमाश ले लें और दूसरी वह खुद रख ले जिससे चुनाव का फंड जुट जाये।

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