वाराणसी। लोकसभा चुनाव में एक साल का समय शेष है। सभी पार्टियां अपने तीर-कमान को दुरुस्त कर रही है। सरे सिरे से संगठन समेत प्रकोष्ठों का गठन किया जा रहा है। ऐसे में सपा ने भी बुधवार को पांच विधानसभा क्षेत्रों के संग 11 फं्रटल संगठनों के जिलाध्यक्षों की भी घोषणा की है। खास यह कि इस पूरी सूची में एक भी सवर्ण को नहीं रखा गया है। सूची के बहाने सपा ने अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया है कि पहली प्राथमिकता ओबीसी और अल्पसंख्यक ही रहेंगे जबकि सर्वण हाशिये पर। इस बाबत पूछे जाने पर जिलाध्यक्ष डा. पियूष यादव ने फोन तक नहीं उठाया जबकि महानगर अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने अजीबो-गरीब सफाई पेश की। खास यह कि पीएम के संसदीय क्षेत्र में इस सूची को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने जारी किया है।

ताजा सूची में यह हैं पदाधिकारी

विधानसभा शिवपुर विजय बहादुर यादव (अध्यक्ष), अजगरा बाबूलाल यादव (अध्यक्ष), पिंडरा कमलेश पटेल (अध्यक्ष),रोहनिया जितेंद्र उर्फ रतन यादव (अध्यक्ष) तथा सेवापुरी के पखंडी बिंद (अध्यक्ष) हैं। इसके अलावा सपा प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्षों की सूची में श्रीमती यशोदा पटेल (अध्यक्ष) महिला सभा, इकबाल अहमद अंसारी (अध्यक्ष) अल्पसंख्यक सभा, विकास यादव (अध्यक्ष) अधिवक्ता सभा, सुजीत यादव लक्कड़ (अध्यक्ष) पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ, चरण दास गुप्ता (अध्यक्ष) व्यापार सभा, डॉ. राकेश पटेल (अध्यक्ष) शिक्षक सभा, राजकुमार यादव (अध्यक्ष) सैनिक प्रकोष्ठ, रमापति राजभर (अध्यक्ष) सांस्कृतिक प्रकोष्ठ, शिवपूजन पाल (अध्यक्ष) मजदूर सभा, शिव प्रसाद गौतम (अध्यक्ष) अनुसूचित जाति जनजाति प्रकोष्ठ और डॉ. फैसल रहमान (अध्यक्ष) चिकित्सा प्रकोष्ठ बनाये गये हैं।

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पहले के दो प्रकोष्ठ में थे सवर्ण

महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने पूछा जाने पर पहले तो साफ शब्दों में कहा कि सूची जिला इकाई की और उन्होंने सिर्फ जारी की थी। कुरेदे जाने पर उनका कहना था कि इससे पहले दो प्रकोष्ठ में सवर्ण को जगह मिल चुकी है। सयुस में अध्यक्ष बना दिया गया था। प्रकोष्ठ की संख्या उन्होंने 16 बतायी लेकिन एक को छोड़ दूसरे किसी में नाम नहीं बता सके। अलबत्ता जारी करने वाले डा. पियूष तो कन्नी काटते हुए मोबाइल बंद कर लिये।

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