‘वेलकम’ के कुछ घंटों बाद कर देते लाखों पार, तमिलनाडू व बंगाल का गठजोड़ प्रदेश पुलिस का था सिरदर्द

चंदौली। पिछले दो दिनों से पुलिस खासी दबाव में थी। वजह, एटीएम में कैश लोड करने वाली वैन से लाखों की रकम का पार होना था। रविवार को मुगलसराय से 38 लाख रुपये पार हुए तो मंगलवार की शाम लंका से 28.5 लाख। पुलिस मामले को संदिग्ध करार कर रही थी लेकिन सीसी फुजेज में बैक्स लेकर जाने वाले साफ दिख रहे थे। मुगलसराय पुलिस ने चेकिंग के दौरान लंका से नकदी पार करने वाले गिरोह के सदस्यों में से तीन को दबोचा तो उसने पूछताछ में चौंकने वाले खुलासे हुए। दरअसल मूल रूप से तमिलनाडू के रहने वाले बदमाशों ने बंगाल के शातिरों के संग गिरोह बना कर इन वारदातों को अंजाम दिया था। आरम्भिक पूछताछ में आधा दर्जन बड़े मामलों का खुलासा हो चुका है। खास यह कि ट्रन से प्रदेश में आने के कुछ घंटों के भीतर वारदात को अंजाम दिया जाता था और फौरन ही नकदी के संग गिरोह प्रांत की सीमा पार हो जाता था।

एसपी चंदौली का मुगलसराय रहना गिरफ्तारी का सबब

लंका थाने से कुछ दूरी पर सरेशाम हुई वारदात को पुलिस ने पहले तो ‘मैनेज’ करने का प्रयास किया। वारदात के काफी देर बाद वायरलेस पर इसकी सूचना प्रसारित हो सकी। संयोग था कि उस समय एसपी चंदौली संतोष सिंह मुगलसराय से गुजर रहे थे। उन्होंने फौरन इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र को टीम के संग चेकिग में लगाया ही नहीं बल्कि खुद रूक गये। नतीजा, 15 मिनट के भीतर मैजिक में सवार संदिग्ध पकड़े गये। तलाशी मे्ं उनके पास से 9.5 लाख नकदी बरामद होने पर कड़ाई से पूछताछ की गयी तो सब कुछ सामने आ गया। गिरफ्तार तमिलनाडू निवासी इलैंगैश्वर व शिवा एल के अलावा पश्चिम बंगाल निवासी रमेश कुमार मोदिरनियाल ने कबूल किया कि वारदात को अंजाम देने वाले पांच अन्य साथी फरार हो गये हैं। उन्हें रोल के मुताबिक यह हिस्सा मिला था। मुगलसराय में भी लूट मं वह शामिल थे।

मोबाइल के खुली पूरी कहानी

गिरफ्तार आरोपितों के मोबाइल चेक करने से स्पष्ट हुआ कि मुगलसराय की घटना के चार घंटे बाद वेलकम यूपी का मैसेज था और इसके बाद वेलकम वेस्ट बंगाल। लंका में बारदात के चार घंटे पहले ही वह आये थे। वारदात के बाद सभी आटो पकड़कर कैंट स्टेशन गये और दो अलग-अलग मैजिक बुक कर मुगलसराय रवाना हुए। पहले भी कई वारदातों को अंजाम देकर वह निकल गये थे। गिरोह के सरगना ने हुबली में स्थायी ठिकाना बना रखा है। सभी फर्राटे से हिन्दी बोलते हैं और स्थानीय मुहल्ले से लेकर रीट तक की जानकारी रखते हैं।

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