मीरजापुर। सूबे की भजपा सरकार ने यूपी बोर्ड परीक्षा में होोने वाली नकल पर नकेल कस दिया है। सीसी कैमरों की निगरानी में परीक्षा होने लगी है। नकल माफिया इसकी भी काट खोज लिये हैं। अब नकल के बदले सीधे पास कराने की सुपारी ली जी रही है। सीधे केन्द्र व्यवस्थापक 20 से 30 हजार रुपये प्रति छात्र ले रहे हैं और कापी लिखने वाले साल्वर को पांच हजार का भुगतान किया जा रहा है। बलिया के बाद जिगना (मीरजापुर) स्थित बाबू घनश्याम सिंह इंटर कॉलेज में शनिवार सुबह एसटीएफ की छापेमारी में इसका खुलासा हुआ है। कापी परीक्षा केन्द्र से कुछ दूरी पर स्थित घनश्याम आईटीआई कालेज में लिखी जा रही थी। मौके से पांच कापियों संग शिक्षक जितेंद्र बहादुर सिंह और लल्लन प्रसाद बिंद को हिरासत में लिया गया और उनके बयान के आधार पर केंद्र व्यवस्थापक प्रदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। प्रदीीप की मां उर्मिला ही दोनों कालेज की प्रबंधक हैं।

खुलासे के बाद पहुंचे कलेक्टर-कप्तान

नकल को लेकर जिलों को निर्देश दिये गये हैं साथ ही एसटीएफ को भी टास्क सौंपा गया है। एएसपी एस आनंद और सीओ वीके सिंह को सूचना मिली थी कि छानबे ब्लाक (मीरजापुर) के सिहावल स्थित बाबू घनश्याम सिंह इंटर कालेज में ठेके पर कापियां लिखी जा रही हैं। इसक पर अमित श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम भेजी गयी। मौके से पांच कापियों के अलावा प्रश्नपत्र की फोटो कापी, यूपी बोर्ड के कापियों के बीच के पन्ने और गाइड बरामद की गई। इसकी सूचना मिलने पर डीएम बिमल कुमार दुबे, एसपी आशीष तिवारी और डीआईओएस अवध किशोर सिंह मौके पर पहुंचे। जिगना थाने में डीआईओएस ने कालेज के केंद्र व्यवस्थापक प्रदीप सिंह समेत तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया।

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