वाराणसी। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास ध्वस्तीकरण को लेकर एक तरफ जहां प्रशासन समर्थन मिलने का दावा कर रहा तो दूसरी तरफ धरोहर बचाओ समिति और स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द: की अगुवाई में विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। इस बीच तेजी से बदल रहे घटनाक्रम के तहत काशी के घाट पर सैकडों साल से चिता की आग देने वाले डोमराजा परिवार ने बड़ी घोषणा की है। डोमराजा के सुपुत्र विश्वनाथ चौधरी ने कहा है कि मन्दिर बचाओ आन्दोलन को हमारा पूरा समर्थन है क्योंकि मन्दिर आस्था के केन्द्र हैं। मन्दिरों को तोड़ने और उसका स्थान बदलने की कोशिश करने वालों को काशी के मणिकर्णिका घाट पर चिता के लिये अग्नि देना संभव नहीं है ।

समाज की संंगोष्ठी में किया गया ऐलान

बरिया चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित मन्दिर बचाओ आन्दोलन से संवाद स्थापित करने के लिये आयोजित संगोष्ठी में पूरे समाज की ओर से बोलते हुये डोमराजा के सुपुत्र विश्वनाथ चौधरी ने साफ कर दिया कि ध्वस्तीकरण अभियान से जुुड़े लोगों को मुखाग्नि देने के लिए आग नहीं दी जायेगी। सभा में उपस्थित मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती जी ने कहा कि जहां मंदिरों में पूजा-अर्चना नही होती है वहां रोजी रोटी का संकट, आधि-व्याधि का संकट और मृत्यु वह संकट मंडराने लगता है, इसलिए काशी के इन मंदिरों को तोड़े जाने को और मंदिर में पूजा बंद कराया जाने का खतरा मंडराने लगा है। सभा में उपस्थित रहे विश्वनाथ चौधरी, राजेंद्र चौधरी, सत्यम चौधरी, रोशन यादव, मनाऊँ यादव, सोनू चौधरी, नीरज चौधरी के साथ सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

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