सोनभद्र। ओबरा पावर प्लांट की बीटीपीएस केबिल गैलरी में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां भीषण आग लग चुकी है। अगलगी की उस घटना में परियोजना की नवीं, 10 वीं और 11वीं इकाई पूरी तरह से जल कर नष्ट हो गई थी। कारणों की पड़ताल की खातिर हाईपावर कमेटी का गठन किया गया था लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात रहा। इस बार भी कर्मचारियों में चर्चा थी कि एक बार फिर से प्रकिया दोहरायी जायेगी लेकिन परिणाम वैसा ही रहेगा जैसा पहले था।

चारों इकाइयोों को चालू होने में लगेगा वक्त

आग को बुझाने की खातिर देर शाम तक मश्क्कत की गयी। लगभग 12 घंटे से अधिक समय के बाद इस पर काबू तो पा लिया गया लेकिन 200 मेगावाट की चारों इकाइयों से उत्पादन ठप हो गया। आग बुझाने के प्रयास में सीआईएसएफ जवान और एक परियोजनाकर्मी अचेत हो गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला लेकिन इससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। चीफ सीजीएम एके सिंह ने स्वीकार किया कि घटना के चलते परियोजना में विद्युत उत्पान शून्य हो चुका है। बहरहाल स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है लेकिन आग किन परिस्थितियों में लगी और कितने की क्षति हुई इसके आकलन में वक्त लगेगा। मामले की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि शाम लगभग साढ़े छह बजे उत्पादन निगम के एमडी सेंथिल पांडियान सी भी पहुंच चुके हैं।

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