चंदौली। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद एआरटीओ आरएस यादव की गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार के मामलों के खुलने के बाद परिवहन विभाग पर कुछ नकेल कसी लेकिन दूसरे विभाग कम नहीं है। हालात यह हो चुके हैं 50 हजार रुपये की डिमांड पूरी होने तक ड्राइवर को बंधक बना लिया गया। ट्रक मालिक अंकित शुक्ला ने पूर्वांचल ट्रक ओनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रमोद सिंह को घटना की जानकारी दी। शिकायत एसपी चंदौली के पास पहुंची तो उनका पारा चढ़ गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि खाकी वर्दी पहन कर ड्राइवर को बंंधक बनाने वाले पुलिसकर्मी नहीं बल्कि वन विभाग वाले हैैं। फौरन सीओ सदर प्रदीप सिंह चंदेल और एसडीएम को मौके पर भेजा गया। संयुक्त टीम ने ड्राइवर को मुक्त कराया लेकिन आने की भनक मिलने के चलते लिखापढ़ी तीन दिन पहले की तारिख में कर ली गयी थी। बहरहाल संयुक्त टीम की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है और कलेक्टर-कप्तान की संयुक्त रिपोर्ट कार्रवाई की खातिर शासन को भेजी जायेगी।

तीन दिन से बंधक बना कर रखा था

मूल रूप से काकोरी मैलानी (खीरी) निवासी अंकित शुक्ला का काम गोरखपुर में चलता हैै। उनके ट्रक (यूपी 53 ईटी-1786) पर झारखंड से मोरंग लोड कर ड्राइवर रमेश यादव आ रहा था। आरोप है कि बिहार की सीमा पार करने के बाद वन विभाग के चेकपोस्ट पर ट्रक को रोक लिया गया। सुविधा शुल्क के रूप में 50 हजार रुपये की मांग की गयी। शनिवार से ट्रक भी रूका था और ड्राइवर भी बंधक था। अलबत्ता मोबाइल से फोन करा कर मालिक को पैसे से साथ बुलाया जा रहा था। प्रकरण एसपी क संज्ञान में आया तो उन्होंने सख्त कार्रवाई के आदेश दिये।

बयान में उजागर हुआ सच

वन विभाग ने आनन-फानन में कागजी औपचारिकता तो पूूरी कर ली थी लेकिन तीन दिनों तक ट्रक के ड्राइवर को रोके रखने का कोई उत्तर उनके पास नहीं था। यहीं नहीं सीओ-एसडीएम ने आसपास के लोगों के बयान लिये तो सच्चाई खुल कर सामने आ गयी। लोगों का कहना था कि यह एकलौता मामला थोडे है। रोजाना इसी तरह दर्जनों ट्रक रोके-छोड़े जाते हैं। बाहरी होने के नाते डिमांड ज्यादा थी इसलिये पुलिस तक मामला पहुंच गया। सीओ ने स्वीकार किय कि बयानों के आधार पर प्रथम दृष्टया मामला कदाचार का प्रतीत होता है। दूसरी तरफ एसपी का कहना था कि शासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जायेगी।

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