गाजीपुर। ग्रामीण इलाकों में लोकगीत बिरहा का खासा क्रेज है लेकिन पिपनार गांव (मरदह) में बिरहा सुनने गए तकरीबन 250 लोगों में से 50 लोगों आंखे नहीं खुल पा रही हैं। बड़ी लोगों के आंखे बंद होने की खबर जंगल मे आग की तरह फैल गई। इस घटना से गांव में कोहराम मच गया। जब अन्य ग्रामीण जो बिरहा सुनने गए थे उनसे भी जानकारी ली गई तो उन सभी के आंखों में कुछ न कुछ हुआ था। किसी की आंखे लाल थी तो किसी के आखों में सूजन थी। आनन फानन में जो थोड़े बहुत प्रभावित थे वो लोग गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। रविवार को भी डाक्टरों की टीम पहुंची और लोगों का चेकअप कर दवाएं दी।

काली पूजा के मौके पर था बिरहा दंगल

पिपनार गांव में प्रति वर्ष मां काली की पूजा का आयोजन किया जाता है। इस साल भी गांव में शुक्रवार की रात काली पूजा कराया जा रहा था। काली पूजा के दौरान ग्रामीणों ने वही बिरहा कार्यक्रम का भी आयोजन किया था। रात को बिरहा सुनने के बाद सभी अपने घर वापस चले गए। जब शनिवार की सुबह हुई तो गांव के 50 लोगों की आंखे ही नहीं खुल रही थी। जानकारी के मुताबिक काली पूजा के दौरान तकरीबन 250 लोग बिरहा सुनने के लिए गए थे। जिसमें 50 लोगों की आंखे ही नहीं खुल रही थी। जबकि अन्य लोगों में किसी की आंखे लाल थी तो किसी के आंखों में सूजन थी तो किसी के आंखों में दर्द था।

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