मुठभेड़ में हत्थे चढ़ा 50 हजारा इनामी बदमाश तो कबूले सनसनीखेज वारदातो के राज, कुख्यात डी 9 गैंग की संभाली थी कमान

मऊ। पूर्वांचल में आतंक का पर्याय डी 9 गैंग के सरगना सुजीत सिंह एवं धर्मेन्द्र सिंह के मारे जाने के बाद पुलिस ने कुछ दिनों तक राहत की सांस ली थी लेकिन इसकी गतिविधियां एक बार फिर से जोर पकड़ ली थी। इसकी कमान विक्रांत यादव ने संभाल ली थी जिस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया था। लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने विक्रांत को पुलिस ने सरायलखंसी इलाके में साथी 25 हजारा इनामी अमित कुमार यादव के संग मुठभेड़ के दौरान धर-दबोचा। एसपी अनुराग आर्या ने रविवार को मीडिया के सामने गिरफ्तार बदमाशों को पेश करते हुए बताया कि इनके पास से मिली ब्रेजा कार लूट की हैै। दर्जनों संगीन मामलों के आरोपित गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।

बड़ी वारदात के लिए की थी तैयारी

शातिर बदमाशों के मूवमेंट की सूचना पर स्वाट टीम व चिरैयाकोट पुलिस सरसेना में संदिग्ध वाहनो की चेकिंग कर रही थी। शनिवार आधी रात के बाद सफेद ब्रेजा कार पुलिस के सिग्नल को तोड़ कर फायर करते हुए भागने लगी। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक सरायलखन्सी व दक्षिणटोला वनदेवी मन्दिर के पूर्व स्कूल मोड पर घेराबन्दी किये। बदमाश पुलिस को चकमा देकर वनदेवी मन्दिर के परिसर के अन्दर कि ओर भागने लगे जो जंगल के रास्ते गाजीपुर को जाता है। दोनों तरप से पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने फायर करते हुए भागने की कोशिश की। क्रास फायरिंग बंद होने पर विक्रांत और अमित घायल दशा में मिले जबकि दो साथी भागने में सफल रहे।

दर्जनों मामलों के हैं आरोपित

पुलिस रिकार्ड में विक्रांत के उपर 35 मामले दर्ज है जबकि अमित 13 मामलों का आरोपित है। गोली मार कर लूट की कई सनसनीखेज वारदातों में दोनों बदमाशों ने संलिप्तता कबूल की है। आजमगढ, वाराणसी, मीरजापुर मंगल के अलावा गोरखपुर परिक्षेत्र में भी इन्होंने घटनाओं को अंजाम दिया है। पिस्टल-तमंचा, खोखा-कारतूल के अलावा लूट का 52 हजार रुपया इनके पास से मिला है।

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