476 साल पुराने ‘भरत मिलाप’ में यदुवंशियों ने डाला खलल, उठाया पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर मुद्दा

वाराणसी का नाटी इमली का मैदान बुधवार को सूर्य की अस्ताचल गामी किरणों के साथ हर-हर महादेव और जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। दरअसल काशी की 476 साल पुरानी विश्व प्रसिद्ध भरत मिलाप पूरे भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। पांच मिनट की इस लीला को देखने के लिए लाखों लोग पहुंचे थे। अपने पुष्पक विमान से जैसे ही भगवान श्रीराम और उनके भाई लक्ष्मण नीचे उतरे मैदान का माहौल भक्तिमय हो गया। चारों भाईयों के मिलन को देख मैदान में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गई। हालांकि इस दौरान पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर का मुद्दा छाया रहा। सालों से भगवान राम का पुप्षक विमान अपने कंधों पर उठाने वाले यदुवंशियों ने भरत मिलाप के दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पोस्टर लहराए।

नवरात्र और दशहरा के बाद रावण दहन के ठीक दूसरे दिन यहां पर विश्व प्रसिद्द भरत मिलाप का उत्सव भी काफी धूम धाम से मनाया जाता है। शहर में इस पर्व का आयोजन कई अलग अलग स्थानों पर होता है लेकिन चित्रकूट रामलीला समिति द्वारा आयोजित ऐतिहासिक भरत मिलाप को देखने के लिए लाखों की भीड़ उपस्थित रही। मान्यता है की 476 वर्ष पुरानी काशी की इस लीला में भगवान राम स्वय धरती पर अवतरित होते है। काशी की परंपरा के अनुसार नाटी इमली मैदान में शाही सवारी पर राज परिवार के अनंत नाराणय आते हैं। उन्होंने प्रभु राम, लक्ष्मण और सीता के पुष्पक विमान की परिक्रमा कर नेग दिया।

इस खास मौके पर यादव समाज के एक गुट की ओर से खलल डालने की कोशिश की गई। दरअसल झांसी में पुष्पेंद्र यादव एनकाउंटर को लेकर यादव समाज गुस्से में है। यादव समाज ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए भरत मिलाप मैदान में पोस्टर भी लहराए और सरकार का विरोध किया। वहीं दूसरी ओर चंद्रवंशी गोप सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष लाल जी चंद्रवंशी ने भगवान राम के पुष्पक विमान को उठाने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि बनारस के सभी यादव संगठनों से अपील इस बार भरत मिलाप का रथ न उठायें।

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