कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत नक्सल प्रभावित गांव के प्राथमिक स्कुल के 270 बच्चों में बटे स्टूल युक्त बैग

मीरजापुर। जनपद के नक्सल प्रभावित गाँवों के लोगों को भयमुक्त वातावरण प्रदान करने तथा उन्हें विकास की मुख्य धारा से जोड़ने तथा उनमें क्षेत्र के विकास हेतु सहयोग की भावना जागृत करने के उद्देश्य से कम्युनिटी पुलिसिंग कार्यक्रम चलाया जा रहा है। एसपी आशीष तिवारी ने इस कार्यक्रम के तहत नक्सल प्रभावित गाँवों के प्रथामिक स्कूलों में विभिन्न खेल-कूद प्रतियोगिता का आयोजन किये जाने साथ ही समय-समय पर स्कूली बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह उत्पन्न किये जाने हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं। इसमें जिले के जन प्रतिनिधियों, एनजीओ, जन सहयोगी संस्थाओं, सम्मानित नागरिकों द्वारा भी जनपदीय पुलिस का खुले दिल से पूर्ण सहयोग किया जा रहा है। इस क्रम में गुरुवार को दारापुर स्थित प्रथामिक विद्यालय में कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सहयोग से से 270 बच्चों को स्टूलयुक्त बैग, जो आईआईटी कानपुर के इशान द्वारा निर्मित किया गया है बांटा गया।

कई काम में प्रयोग हो सकता है बैग

बैग की खासियत है कि इसे बच्चों द्वारा आवश्यकतानुसार स्कूल में बैठने, पुस्तक आदि रखने व स्कूल में आने-जाने के लिए पाठ्य सामग्री रखने के लिए आसानी से प्रयोग कर सकते हैं। इस स्कूल के बच्चे फर्श पर बैठ कर अध्ययन करते थे। बच्चों की इस परेशानी के मद्देनजर प्राथमिक विद्यालय दारापुर में पढ़ने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के 270 बच्चों को बाँटे गये। इस प्रकार का स्टूल युक्त बैग पाकर बच्चों में काफी खुश एवं उत्साहित दिखायी दिये। इसके साथ ही बच्चों को स्वास्थ्य, शिक्षा व सुरक्षा के प्रति जागरुक किया गया।

गांव-गांव तक बैैग पहुंचाने की जरूरत

एसपी ने कहा कि इस बैग को गांव-गांव पहुंचाये जाने की आवश्यकता है, जिससे अधिक से अधिक बच्चों को इसका लाभ मिल सके तथा उन्हें जमीन पर बैठकर न पढ़ना पड़े। साथ ही उन्हें लम्बे समय तक जमीन बैठकर पढ़ने से होने वाली दिक्कतों व रोगों से बचाया जा सके। नक्सल प्रभावित क्षेत्र के विद्यालयों में आगे भी इस प्रकार के बैग बांटे जायेंगे, ताकि देश के भविष्य (बच्चे) बिना किसी परेशानी के मेहनत से पढ़ सकें। कार्यक्रम में प्राथमिक विद्यालय दारापुर के प्राधानाचार्य,शिक्षकगण,ग्राम प्रधान दारापुर व हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारी, थाना मड़िहान के पुलिसकर्मियों के साथ ही बच्चों के अभिभावक व ग्रामीण उपस्थित रहे।

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