राघवेंद्र सिंह
कानपुर। ईश्वरीगंज गांव 15 सितंबर को इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। 24 महिलाओँ की एक टीम ने वो करके दिखाया जो आज तक गांव के बड़े-बड़े धुरंधर नहीं कर सकें। महिलाओँ की दृढ इच्छा शक्ति की बदौलत आज ये गांव ओडीएफ के रूप में चयनित हुआ है। गांव की महिलाओं ने स्वच्छता अभियान की ऐसी मिशाल पेश की जिसकी हर ओर आज तारीफ हो रही है।
24 सदस्यी टीम की मेहनत रंग लाई
निगरानी समिति में 24 पदाधिकारी है जिनका काम सुबह जल्दी उठ कर महिलाओं को खुले में शौच से मुक्त करना और उन्हें शौचालय बनवाने के लिए जागरूक करना। निगरानी समिति की सदस्य पूजा ने बताया कि गांव में महिलाएं सुबह 4 बजे ही खुले में शौच के लिए जाती थी, जिसके बाद हम सभी महिलाओं से आग्रह करते थे कि हर घर मे शौचालय होगा। बस आप सभी को इस ओर जगरूक होना है। वहीं काफी सीनियर सदस्य राजरानी ने बताया कि सुबह 4 बजे भी अंधेरा रहता था जहां भी महिलाएं खुले में दिखती थी उन्हें टॉर्च और सीटी के माध्यम से हाथ जोड़कर उनसे निवेदन करते थे कि अपने घर को स्वच्छ बनाये और शौचालय बनवाये। वहीं गांव की नीता ने बताया कि इस गांव की किस्मत है जो इसके भाग्य बदल रहे हैं। आज हमारे गांव में खुशियां मनाई जा रही है बताया कि पहले इस गांव में आप पेदल नही निकल सकते थे लेकिन आज गांव में हर तरफ स्वच्छता ही है। हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का जो सपना है उसकी शुरुआत कहीं न कही हो चुकी है।

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