तो इसलिये बंट रहे थे चिकन और एग के बने ‘व्यंजन’, जन जागरूकता की खातिर उठाया गया यह ‘कदम’

वाराणसी। समूचे विश्व में ‘करोना’ वायरस को लेकर जो पहली खबर वायरल हुई वह ‘जंतुओं’ के भोजन के चलते हुई बीमारी की थी। इसके बाद रोहनिया इलाके में कौवों की अचानक होने वाली मौत से ‘बर्ड फ्लू’ का हल्ला मचा। नतीजा, मांसाहार करने वाले लोगों ने चिकन ही नहीं बल्कि मुर्गी के अंडे तक से दूरी बना ली। कारोबार बैठने लगा क्योंकि बड़ी संख्या में माल पोल्ट्री फार्म में तैयार था लेकिन खरीदार नहीं मिल रहे थे। इसे ध्यान में रखते हुए शनिवार को ईस्‍टर्न पोल्‍ट्री समि‍ति‍ की तरफ से…

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सम्पति का मोह कुछ ऐसा छाया कि जिसे जन्म दिया उसे ही मौत की नींद सुलाया, प्रेमी के साथ ‘हत्यारिन मां’ गिरफ्तार

वाराणसी। अमरा-अखरी (रोहनिया) के पास 19 फरवरी को गढ्ढे में मिली अज्ञात किशोर की लाश को लेकर पुलिस खासी हलकान थी। सुनसान इलाके में हुआ वारदात को किसी ने देखा नहीं था। कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था लेकिन शिनाख्त गौरव के रूप में होने के बाद पुलिस ने पड़ताल बढ़ायी तो पता चला कि जिस लड़के का शव मिला था उसकी गुमशुदगी भेलूपुर थाने पर पहले से दर्ज है। शनिवार को भेलूपुर थाने में मीड़िया के सामने मामले का खुलासा एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने किया तो…

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लगाने के लिए शुभ कार्य पर कुछ दिनों का विराम दो मार्च से लग रहा है होलाष्टक, भूल कर भी न करें यह कार्य

वाराणसी। धार्मिक ग्रंथों में शुभ कार्यों के लिए कुछ खास समय को निषेध किया है। इनमें होलाष्ठक भी शामिल है। इसके तहत विपाशा, इरावती और सतलज नदियों के बीच तथा त्रिपुष्कर क्षेत्र में होलिका से पूर्व आठ दिनों तक विवाहादि शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। कुछ विद्वानों ने विपाशा को व्यास, इरीवती को रावी नदी माना है। इस प्रकार सभी नदियां पुरातन पंजाब प्रांत बोधक हो जाती हैं तथा त्रिपुष्कर से पुष्कर क्षेत्र लेने से राजस्थान जो पड़ोसी प्रांत है सम्मिलित हो जाता है। इस प्रकार होलाष्टक का दोष पंजाब…

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कोर्ट में नहीं चला पंकज चौबे का ‘दांव’, क्रास एफआईआर के लिए दिया प्रार्थनापत्र सीजेएम ने किया खारिज

वाराणसी। रिटायर्ड डीआईजी के पुत्र और बिल्डर बलवंत सिंह की लगभग साढ़े चार माह पहले हुई हत्या के मामले में आरोपित पंकज चौबे ने क्रास एफआईआर दर्ज कराने के लिए जो ‘दांव’ चला था वह कोर्ट में कारगर नहीं साबित हुआ। पंकज चौबे की तरफ से सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत दिये गये प्रार्थनापत्र को सीजेएम ने खारिज कर दिया। कोर्ट का मानना है कि इस मामले में जो पीड़ित पक्ष है उसकी हत्या की जा चुकी है। उसके पुत्र ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए जो तहरीर…

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