पुल हादसे के बाद से ही ‘निशाने’ पर थे डीएम या भारी पड़ा परियोजनाओं में विलंब! तबादले के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म

वाराणसी। लंबे समय तक विभिन्न पदों पर तैनाती और परिवार के दूसरे सदस्यों का वाराणसी में प्रशासनिक पदों पर रहने के चलते योगेश्वर राम मिश्र किसी के लिए अपरचित नहीं थे। उनका व्यवहार ऐसा था कि कोई नाराज नहीं होता। लोकप्रियता की कसौटी पर वह पूरे खरे उतरते थे। बावजूद इसके चौकाघाट-लहरतारा फ्लाइओवर हादसा एक ऐसा प्रकरण था जिससे उनकी साख पर बट्टा लगा। खास यह कि इससे पहले अक्टूबर 2016 में जयगुरुदेव समागम के दौरान राजघाट पुल पर भगदड़ के चलते दो दर्जन से अधिक मौतों के तत्कालीन डीएम…

Read More

‘लाश’ को रेफर करने के एवज में मांगे रुपये दो लाख, विरोध करने पर परिजनों पर चलाये जूते-लात

आजमगढ़। डाक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता हैं क्योंकि वह किसी की जिन्दगी ले सकता है और बचाने की भी कूबत रखता है। बावजूद इसके शहर के प्रतिष्ठित माने जाने वाले वेदांता इस्पताल में कुछ ऐसा कुछ जिस पर लोग सहसा विश्वास नहीं कर सके। आरोप है कि मरीज की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन द्वारा लाश के एवज में मोटी रकम की डिमांड की गई और ना देने पर अस्पताल का स्टाफ मृतक के परिजनों से मारपीट करने लगा। अस्पताल प्रशासन के बुलंद हौसले का अंदाजा इससे…

Read More

ऐन फेरे के पहले दुल्हा हवालात के अंदर, मजबूरी में ‘कलश’ के साथ हुए फेरे सात

बलिया। कहानियों में राजस्थान के कई ऐसे किस्से मिलते हैं जब बारात जाने के समय दुश्मन का आक्रमण होने के चलते दूल्हे के स्थान पर उसकी तलवार भेज दी जाती थी और उसी के संग फेरे कर रस्म पूरी की जाती थी। ऐसा ही कुछ मंजर 21 वी सदी में तीखा (फेफना) गांव में शुक्रवार की रात देखने को मिला। अलबत्ता वजह कुछ अलग थी। इस शादी के समय किसी दुश्मन ने आक्रमण नहीं किया था बल्कि पांच साल पुराने मामले में जारी एनबीडब्ल्यू था। पंचायत कर मामले को सलटाने…

Read More

गाजीपुर की जनता को मनोज सिन्हा का एक और तोहफा, सैदपुर में लोकोशेड की रखी आधारशीला

गाजीपुर। केंद्रीय रेल और संचार राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने जिले के एक और तोहफा दिया। उन्होंने शनिवार को सैदपुर भीतरी रेलवे स्टेशन पर 96.4 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इलेक्ट्रिक लोको शेड की आधारशीला रखी । 12 एकड़ की भूमि में बनने वाले इस 100 केएसी विद्युत क्षमता वाले लोकोशेड का निर्माण कार्यदायी संस्था रेल विकास निगम लिमिटेड द्वारा कराया जायेगा। यह निर्माण 21 महीने की अवधि में पूरा हो जाएगा। लगभग 100 इलेक्ट्रिक इंजिन्स इस लोको शेड में हमेशा तैयार रहेंगे जो पूर्वोत्तर रेलवे के सभी डिवीजन…

Read More

मुंडन के दूसरे दिन मां के साथ दो बच्चों की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने लगाया हत्या का आरोप

बलिया। मनियर थाना क्षेत्र के जिगिनी नान्हागंज गांव में एक महिला एवं उसकी दो बच्चों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गयी। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कम्म मच गया। विवाहिता के मायके पक्ष के लोगों ने विवाहिता के पति, सास, ससुर, ज्येष्ठ, जेठानी व दो ननद पर दहेज को लेकर हत्या किये जाने का आरोप लगाया हैं। शुक्रवार को हुआ था मुंडन गड़़वार थाना क्षेत्र के रतसर बंगला निवासी जयप्रकाश चौहान अपनी पुत्री रमिता (30) की शादी वर्ष 2012 में मनियर थाना क्षेत्र के जिगनी नान्हागंज निवासी अच्छेलाल चौहान के पुत्र सुनील चौहान के…

Read More

अफसरों की नाफरमानी से नाराज कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, सड़क नहीं बनी तो खुद उठा लिया फावड़ा

वाराणसी। बीजेपी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के बीच दूरियां बढ़ती जा रही है। दोनों पार्टियों की लड़ाई अब सड़क तक पहुंच चुकी है। सरकार की नीतियों खफा चल रहे ओमप्रकाश राजभर अब आरपार के मूड में दिख रहे हैं। सिंधोरा स्थित पैतृक गांव फतेहपुर में घर के आगे सड़क ना बनने से खफा कैबिनेट मंत्री खुद फावड़ा और कुदाल लेकर मैदान में उतर आए। मंत्री अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ सड़क बनाने में जुट गए। कैबिनेट मंत्री का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा…

Read More

जिन वजहों से पर्यटन के लिए काशी बदनाम सुधरने का नाम नहीं ले रहे उसके हुक्मरान, भड़के कमिश्नर से संभाली कमान

वाराणसी। देश की सांस्कृतिक और धार्मिक राजधानी कही जाने वाली काशी नगरी पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है। लाखोें की संख्या में देशी-विदेशी पर्यटक यहां प्रतिवर्ष आते हैं। बावजूद इसके यहां पर जो कुछ कुछ बीतती है उससे छवि खराब ही होती है। वजह, संबंधित विभागों के अफसर ध्यान ही नहीं देते। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने काशी आने वाले पर्यटको को बेहतर सुविधा सहित सुरक्षा प्रदान किये जाने की खातिर खुद कमान संभालते हुए अधीनस्थों के पेंच कसने शुरू कर दिये हैं। पर्यटको को आकर्षित किये जाने हेतु उन्होने…

Read More

खुली साल भर पुराने मर्डर की ‘मिस्ट्री’ तो पुलिस भी रह गयी हक्की-बक्की, रपट लिखाने वाली ही प्रेमी से पति को मरवायी!

वाराणसी। सुनने में भले यह चौंकाने वाला लगे लेकिन पुलिस के लिए हत्या का केस आसान होता है जबकि चोरी का कठिन। वजह, हत्या के अधिकांश मामलों में आरोपित का नाम खुला रहता है। जिसका नहीं होता उसे भी पुलिस तहरीर में ही संदेह के दायरे में डलवा देती है जिससे बाद में कोई परेशानी न हो। समस्या वहां होती है जब मरने वाले की शिनाख्त न हो। ऐसे मामले लंबे समय तक अनसुलझे रह जाते हैं। बावजूद इसके चौबेपुर पुलिस ने एक 13 माह पुराने ऐसे मामले का खुलासा…

Read More