वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वारामसी में एक साथ, एक दिन, 15 लड़कियों ने पूरे दिन, जिले के अलग-अलग थानों की कमान संभाली। अंतरष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर एसएसपी की पहल पर ये कदम उठाया गया। इसके तहत वाराणसी पुलिस ने ” हौसले को मिलेगी नई पहचान ” पहल के तहत मलिन बस्ती और सामाजिक कार्य से जुड़ी बालिकाओं के सपने को पूरा करने के लिए ये आदेश दिया।

छात्राओं ने की छेड़खानी की शिकायत

चेतगंज थाने की कमान संभालने वाली अल्फिया ने ड्यूटी संभालते ही हनक में दिखने लगीं। सबसे उन्होंने पहले पूरे थाने का निरीक्षण किया। इसके बाद शिकायतों का निपटारा शुरू किया। पुलिसवालों के साथ गश्त करते हुए पास के महिला कॉलेज पहुंच गई। लड़कियों से बात की, उनकी परेशानियों को समझा और अपने मातहतों को निर्देश भी दिए। अल्फिया का अंदाज देख वहाँ मौजूद छात्राए हैरान थीं। इस दौरान छात्राओं ने अल्फिया से अपने साथ होने वाली छेड़खानी के बारे में बात की और उसे दूर करने की अपील की। छात्राओं ने पुलिस प्रशासन की पहल की सराहना करते हुए कहा कि जो बातें हम एक पुरुष एसएचओ को नहीं बता सकते थे उन समस्याओं को हमने खुलकर अल्फिया को बताया।

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संध्या के जिम्मे कैंट थाना

अल्फिया की तहत कैंट थाने की जिम्मेदारी संध्या ने संभाली। संध्या ने पुलिसवालों की कार्यशैली को समझा। इस दौरान कुछ घंटे में ही संध्या के सामने फरियादियों की लाइन लग गई। संध्या ने भी किसी को निराश नहीं किया। उसने हर फरियादी की बात को सुना और हल करने का आश्वासन दिया। वाराणसी पुलिस की इस खास पहल की चर्चा पूरे दिन होती रही। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि अंतरष्ट्रीय बालिका दिवस पर मलिनबस्ती की रहने वाली और सामाजिक कार्य से जुडी बालिकाओं को हौसलों की उड़ान के तहत अंतरष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले की उन किशोरियों को, जिन्होंने अपने संघर्ष भरे जीवन को जीते हुए समाज के सामने आदर्श स्थापित करने का काम किया है, उनके अंदर के नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करना है।

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