चकरोड नापने के एवज में 10 हजार की रकम पड़ी भारी, रंगेहाथ गिरफ्तारी के बाद लेखपाल को जेल भेजने की तैयारी

जौनपुर। एंटी करेप्शन ब्यूरो वाराणसी की टीम ने शुक्रवार को मड़ियाहूं तहसील के लेखपाल धीरज सिंह को 10हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ धर दबोचा। लेखपाल ने एसडीएम के आदेश के बावजूद राज कुमार यादव से कह दिया था कि बगैर रकम मिले नापी नहीं होगी। पीड़ित की शिकायत पर योजनाबद्ध तरीके से लेखपाल को घूस की रकम देने के नाम पर काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक के पास बुलाया गया और रंगेहाथ गिरफ्तारी की गयी। एंटी करेप्शन ब्यूरो ने मुकदमा कायम कराने के बाद संबधित कोर्ट में पेशी के बाद जेल दाखिला करा दिया।

यह था पूरा मामला

एंटी करेप्शन ब्यूरो में चक इंग्लिश हैदर हुसैन बरेठी गांव निवासी राज कुमार यादव ने 13 अगस्त को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था। आरोप था कि चकमार्ग की पैमाइश के लिए तहसील दिवस के अलावा मड़ियाहूं के एसडीएम को कई बार प्रार्थना पत्र दिया। एसडीएम ने लेखपाल धीरज सिंह को पैमाइश का आदेश भी दिया। लेखपाल ने पैमाइश के लिए रिश्वत के तौर पर 10 हजार की डिमांड की और न देने पर दौड़ाता रहा। इंस्पेक्टर सुरेंद्र नाथ दुबे ने लेखपाल को रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ने के योजना तैयार की।

हाथ के संग पानी हुआ लाल

योजन के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर करीब साढ़े 12 बजे राज कुमार यादव ने जैसे ही लेखपाल को 10 हजार रुपये दिए वैसे ही टीम ने लेखपाल को पकड़ लिया। टीम ने लेखपाल का हाथ धुलाया तो नोटों पर रसायन लगा होने के कारण गुलाबी पानी रंग का हो गया। सभी नोट दो-दो हजार की थी टीम लेखपाल को पकड़कर थाने लाई। आरोपित लेखपाल मीरगंज थाना क्षेत्र के मेदपुर गांव का निवासी है।

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