पुलिस ने दिखाये ‘तेवर’ तो दलाल भागे घर छोड़कर, मरीज को बंधक बनाकर रुपये छीनने वाले सात भेजे गये जेल

वाराणसी। बीएचयू के सर सुन्दरलाल अस्पताल के अलावा ट्रामा सेंटर में दलालों के बढ़ते दखल को लेकर शिकायतें पहले से थी लेकिन मामला पुलिस तक नहीं पहुंच पाता था। इससे हौसले इस कदर बुलंद हो गये कि वह जबरन मारपीट कर पैसा तक छीनने लगे। मंगलवार को इस तरह शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने इस कदर सख्त तेवर अख्तियार किये कि दलालों का ‘चक्रव्यूह’ टूटने लगा। पुलिस के छापेमारी अभियान के चलते बड़ी संख्या में दलाल स्थानीय आवास छोड़कर भाग निकले हैं। बावजूद इसके इलाज कराने आये प्रवीण कुमार सिंह निवासी खुलासपुर (लोहता) को बंधक बनाकर 8 हजार रुपये छीनने वाले सात लोगों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई का असर रहा कि बुधवार को दलाल देखने को नहीं मिले। देखना है कि खौफ कितने दिन तक कायम रहता है।

कुछ इस रहा समूचा घटनाक्रम

प्रवीण कुमार सिंह गले मे सांस की समस्या के इलाज की खातिर अपने मित्र महेश तिवारी कुशहां (मीरजापुर) के साथ डॉक्टर राजेश के यहां आये थे। डाक्टर के चेंबर से बाहर आने पर तीन लोग दवा दिलाने के नामपर मल्टीस्पेशलिटी के निमार्णाधीन भवन की तरफ ले गये। इन लोगों ने दवा की पर्ची ले ली और पैसा मांगने लगे। साफ शब्दों में कहा कि दवा हम लाकर दे देंगे। इनकार करने पर धमकाने हुए न सिर्फ मोबाइल छीना बल्कि चेताया कि 8 हजार नही मंगाओगे तो मर जाओगे। हम यहां से नही जाने देंगे। इस बीच किसी ने आकर चेतावनी दी तो सभी भाग निकले।

तहरीर मिलते हरकत में आयी लंका पुलिस

पीड़ित ने लंका थाने पर जाकर तहरीर दी। मामले की गंंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने मुकदमा कामय कराने के साथ दलालों की तलाश शुरू की। फुटेज के आधार पर संदिग्धों को चिह्नित किया गया। आईपीसी की धारा 342, 386 और 506 के तहत आरोपित सुरेंद्र मिश्र,धनेश्वर सिंह, बृजेश पटेल, संतोष सिंह, आशीष कुमार सिंह, देवाशीष तथा घनश्याम सिंह को गिरफ्तार करने के बाद संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।

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