पीवी रामाशास्त्री को सर्वाधिक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी तो ब्रज भूषण की काशी में तीसरा पारी

लखनऊ। सूबे में डीजीपी के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण पद एडीजी (कानून-व्यवस्था) का माना जाता है। पिछले कुछ समय से इस मोर्चे पर जूझ रही प्रदेश सरकार ने पीवी रामाशास्त्री को यह जिम्मेदारी सौंपी है। अब तक इसका दायित्व संभाल रहे आनंद कुमार प्रमोशन पाने के बाद डीजी हो चुके थे और उनके स्थानापन्न के रूप में जो नाम चल रहे थे उनमें पीवी रामाशास्त्री का नाम कहीं नहीं था। डीजीपी ओपी सिंह की गुडबुक में आने वाले अफसरों को इस फैसले से तगड़ा झटका लगा है।

‘मुंशीजी’ का जबरदस्त रहा है ट्रैक रिकार्ड

एडीजी विजलेंस का कार्यभार देख रहे ब्रज भूषण को वाराणसी का नया एडीजी जोन बनाया गया है। इससे पहले वह यहां पर एसएसपीऔर आईजी जोन के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। कागजी कार्रवाई में किसी तरह की कोताही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले ब्रज भूषण की गिनती एक तेज तर्रार और इमानदार अधिकारी के रूप में रही है। एसएसपी के रूप में उन्होंने थानेवार बीट बुक को फिर से शुरू ही नहीं कराया बल्कि इसके आधार पर इनाम और दंड देने के चलते विभाग में उन्हें ‘मुंशीजी’ भी कहा जाता है।

जेल के खेल में नप गये चंद्रप्रकाश

जेलों में बंदियों की ऐश की खबरें सोशल मीडिया में चलने को लेकर सरकार की खासी किरकिरी हो रही थी। नैनी और गाजीपुर ही नहीं बल्कि देवरिया जेल में बाहुबली पूर्व सांसद अतीक के कारनामों पर तो सुप्रीम कोर्ट तक ने फटकार लगायी थी। इसका नतीजा रहा कि एडीजी जेल चंद्रप्रकाश को एडीजी रूल्स एंड मैनुअल बनाया गया है। कारागार महकमे की कमान अब आनंद कुमार के हाथ में रहेगी।

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