मासूम की चाकुओं से गोदने के बाद गला घोंटकर तेजाब से जलाया, मशक्कत के बाद पुलिस को मिल सकी लाश

वाराणसी। दानुपुर गांव (जंसा) में गुरुवार की देर शाम द्वारचार के दौरान चार वर्षीय मासूम आशीष उर्फ आकाश बनवासी को क्रूरतापूर्वक मौत के घाट उतारने के बाद शव को घर से लगभग पांच सौ मीटर दूरी पर फेंक कर हत्यारे फरार हो गये। परिजन पूरी रात अगवा बच्चे की तलाश में जुटे रहे। शुक्रवार की सुबह साढ़े 9 बजे खेत मे काम करने गयी एक युवती बच्चे का शव को देखकर शोर मचाने लगी। शोरगुल की आवाज सुनकर दानुपुर बनवासी बस्ती के लोग मौके पर पहुचकर शव की शिनाख्त आशीष बनवासी के रूप में किया। परिजन शव को लेकर घर पर पहुचे। घटना की सूचना मिलते ही एसपी देहात अमित कुमार व सीओ सदर अंकिता सिंह के साथ कई थानों की फोर्स घटना स्थल पर पहुचकर शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच जमकर झड़प हुयी। अथक प्रयास के बाद दोपहर 12 बजे पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।

बुअ की शादी के दौरान हुआ था लापता

दानुपुर निवासी मोहन बनवासी के बहन सोनी गुरुवार को शादी थी। दिन भर शादी की तैयारी में परिवार के लोग लगे रहे। देर शाम छतरी गांव (मिजार्मुराद) से बारात पहुंची। रात्रि लगभग 8 बजे द्वारचार की रस्म शुरू हुयी थी कि उसी दौरान मोहन की पत्नी शीला की गोद में बैठा आशीष बनवासी नीचे उतर कर डीजे देखने चला गया। उसके बाद से मासूम गायब हो गया। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन वह नही मिला। शुक्रवार को उसका खीन से लथपथ शव खेत मे मिला। हत्यारों ने मासूम के गुप्तांग पर चाकू से हमला करने के बाद उसके शरीर पर तेजाब डालने के बाद गला दबाने के बाद हत्या कर दी। घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। शव को कब्जे में लेने को लेकर पुलिस व ग्रामीणों में कई बार जमकर झड़प हुयी। परिजन डीएम व एसएसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े थे। घटना की सूचना पाकर जिला पंचायत सदस्य हर्षवर्धन सिंह व ग्राम प्रधान कुंवर प्रताप सिंह मौके पर पहुचकर ग्रामीणों को समझा बुझाकर लोगो को शांत कराने के बाद शव पुलिस को सुपुर्द कर दिये।

देवरानी और उसके मायकेवालों पर आरोप

मृतक की मां शीला बनवासी का आरोप हैं कि हैं कि मेरी देवरानी मंजू बनवासी व उसके भाई व पिता ने मिलकर मेरे मासूम पुत्र को अगवा कर उसकी हत्या कर शव को खेत मे फेंक दिये। मृतक के पिता मोहन बनवासी ने बताया कि मेरे भाई राजेश बनवासी की शादी सत्तनपुर गांव (जंसा) निवासी द्वादशी की पुत्री की शादी पांच साल पूर्व हुयी थी। शादी के बाद से ही पति पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। इस मामले में मंजू के पिता द्वारा दहेज उत्पीड़न का मुकादमा दर्ज करवाया था। आरोप हैं कि एक माह पूर्व मंजू ने हम लोगो को धमकी दिया था कि तुम्हारे शादी में हम खलल डालेंगे। मृतक दो भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था और वह गांव के आंगनवाड़ी केन्द्र में पढ़ने जाता था।

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