बढ़ने लगा कद तो हो गये थे ‘मदमस्त’, दुष्कर्म में गिरफ्तारी के बाद आका तो दूर कार्यकर्ता किनारा कसे

वाराणसी। एक दिन पहले तक भदोही में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष कन्हैयालाल मिश्रा की तूती बोलती थी। दरोगा-सिपाही तो दूर सीओ तक सिफारिश के लिए जुटे रहते थे। डा. महेन्द्रनाथ पाण्डेय के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद कन्हैयालाल ने खुल कर खेलना शुरू कर दिया था। आसपास के जनपदों में पैरवी के फोन जाने लगे थे और प्रांत के बाहर से ‘पैरवी’ कराने के लिए आने लगे थे। जिस महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है वह मूल रूप से पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और पहले भी उसका यौन शोषण हो चुका था। बुधवार को सिगरा पुलिस ने एसजेएम कोर्ट में पेशी के बाद कन्हैयालाल को जेल भेज दिया। इसके साथ पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान दर्ज कराने के संग पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनाक्रम वाली लॉज के अलावा आसपास के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट गुरुवार को मिलने के बाद विवेचना बढ़ेगी।

पार्टी नेता बोलने से कतरा रहे

पार्टी के बड़े नेता के सैक्स स्कैंडल में फंसने के बाद भाजपा के नेता से लेकर कार्यकर्ता तक बचाव की मुद्रा में हैं। करीबी दबी जुबान से मामले को विरोधियों की साजिश बता रहे हैं लेकिन इसके अलावा उनके पास कोई तर्क नहीं है। अधिकांश बचाव की मुद्रा में हैं और नो कमेंट कह कर टालने की कोशिश कर रहे हैं। अलबत्ता जिला कार्यकारिणी इस मामले में कानून को अपना काम करने की बात कह कर पल्ला झाड़ लिया। साफ है कि जनपद ही नहीं पूर्वाचल की राजनीति में धूमकेतु की तरह चमके कन्हैयालाल के गर्दिश के दिनों में कोई खड़ा होने को तैयार नहीं हैं। घटनाक्रम से उनके राजनीतिक मंसूबो पर भी ग्रहण लग गया है।

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