बीएचयू में जुटेंगे देश भर के प्राख्यात ज्योतिर्विद्, कई अहम बिन्दुओं पर होगा मंथन

वाराणसी। ज्‍योतिषशास्‍त्र ज्ञान-विज्ञान के समवेत स्‍वरूप में अतिप्राचीन काल से वेद विहित नियमानुसार जीवन के सम्‍भाव्‍यमान दु:खों का निवारण करते हुए समाज निर्माण में प्रयत्‍नशील है। जीवन में परेशानियों का आना स्‍वाभाविक है, व्‍यक्ति जीवन में आने वाले इन परेशानियों के निवारण हेतु ज्‍योतिषियों की शरण में जाते है, लेकिन आज के इस व्‍यवसायिक माहौल में तथाकथित ज्‍योतिषी लोगों की परेशानियों की आड़ में शास्‍त्र का दुरूपयोग करते हुए उनका फायदा उठाने लगते है। समाज को ऐसे ज्‍योतिषियों से बचना चाहिए जिनका एकमात्र लक्ष्‍य आर्थिक दोहन है।

जागरूकता की खातिर है ‘अखिल भारतीय ज्योतिषशास्त्र संगोष्‍ठी’

बीएचयू ज्योतिष विभाग के शोध छात्र पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि इसी स्थिति से समाज को जागरूक करने हेतु प्रोफेसर डा. सुभाष पाण्डेय जी के संयोजन में 4 अप्रैल को ‘भारतीय ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्र( दिशा एवं दशा)’ विषय पर ज्‍योतिष विभाग द्वारा एक ‘अखिल भारतीय ज्योतिषशास्त्र संगोष्‍ठी’ का आयोजन किया जायेगा। ज्योतिष विद्या की महत्ता को निखारने, बदली स्थिति के हिसाब से और प्रासंगिक बनाने के दिशा में बीएचयू की तरफ से यह कार्यक्रम अपने आप में नयी पहल है। इसके तहत यहां देशभर के ज्योतिर्विद् जुट कर मंथन करेंगे। इनमें ज्योतिष एवं वास्तुशास्त्र का वैज्ञानिक आधार, देवीय आपदाएं, सन्तति विचार आदि विषय शामिल होंगे। ‘अखिल भारतीय ज्योतिषशास्त्र संगोष्ठी’ में 100 से अधिक ज्योतिषशास्त्री, चिन्तक आदि हिस्सा लेंगे।

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