ईवीएम ही दूर कर देगी सबका शक-सुबहा, डीएम ने प्रभारी अधिकारियों की बैठक में दिये प्रचार-प्रसार के निर्देश

वाराणसी। चुनाव विधानसभा के हो या लोकसभा। परिणाम अनुकूल न आने पर विपक्षी दल इसका ठीकरा ईवीएम पर फोड़ते हैं। जीत गये तो जय-जय और हार के बाद मशीन थी बेकार। शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम सुरेन्द्र सिंह के कैम्प कार्यालय पर लोकसभा निर्वाचन से संबंधित सभी प्रभारी अधिकारियों की बैठक में ईवीएम प्रभारी एडीएम आपूर्ति ने इस बार के बदलाव की जानकारी दी। ईवीएम मशीनों के विषय में बताया कि इस बार चुनाव बिल्कुल अत्याधुनिक मशीनों के द्वारा कराया जायेगा। इसमें वीवीपैट के द्वारा मतदाता जिसे बटन दबाकर वोट देगा उसी उम्मीदवार की पर्ची प्रिंट होकर डिब्बे में गिरेगी और मतदाता अपने दिये हुए वोट को देख भी सकेगा।

चेक लिस्ट न तैयार होने पर जतायी नाराजगी

डीएम ने निर्देशित किया कि ईवीएम और वीवीपैट का प्रर्दशन और वोट डालने की प्रक्रिया की जानकारी ज्यादा से ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर जा कर दी जाये। जिससे वोट डालने की प्रक्रिया को मतदाताओं हेतु सुगम बनाया जा सके। नोडल अधिकारी तथा प्रभारी अधिकारियों को पूर्व में दिये गये निर्देश के अनुसार चेक लिस्ट तैयार करना था जिसका अनुपालन न किये जाने पर नाराजगी जाहिर की तथा आयोग की गाइडलाइंस के मुताबिक गहन अध्ययन कर अपने से संबंधित कार्यों की पूरी जानकारी रखें और परफेक्ट प्रजेन्टेशन दें। डीएम ने अधीनस्थों से कहा कि अगली ट्रेनिंग के दौरान की गई चुनावी तैयारियों को एक परीक्षा आयोजित कर परखा जाएगा। रेलवे स्टेशनों, बस स्टेशन सार्वजनिक स्थलों पर मतदाताओं को जागरूक करने सम्बन्धी प्रसारण कराया जाय। सभी अधिकारियों को रविवार तक मतदाता जागरूक से संबंधित 10-10 सुझाव लिख कर देने के भी निर्देश दिए।

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